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मै कविता गीत कहानी मुक्तक आदि लिखता हूँ। पर मुझे सेटल्ड नियमो से अलग हटकर जाने की आदत है। वर्तमान में राजस्थान सरकार के आधीन संचालित विद्यालय में व्याख्याता पद पर कार्यरत हूँ।

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गुरु पुरनिमा
आज गुरु पूर्णिमा पर एक ओर हटकर मेरी कलम घिसाई विधा 30 मात्रिक छंद ****************************** कायनात के हर जर्रे ने मुझको ज्ञान सिखाया है। किसे... Read more
वेगवती छन्द
*◆वेगवती छंद(अर्ध सम वर्णिक)◆* विधान~ 4 चरण,2-2 चरण समतुकांत। विषम पाद- सगण सगण सगण गुरु(10वर्ण) 112 112 112 2 सम पाद-भगण भगण भगण गुरु गुरु(11वर्ण)... Read more
कोटेशन
इज्जत बेचकर सब कुछ पाया जा सकता है। परन्तु सब कुछ बेचकर इज्जत नही पा सकते । ठीक उस तरह से की पेड़ काटकर फर्नीचर... Read more
विमला छंद
*विमला छन्द* (सगण+मगण+नगण+लघु+गुरु, ११ वर्ण, ४ चरण, दो-दो चरण समतुकान्त) 112 222 111 12 तुझसे मेरा जीवन महका। तुझसे मेरा आंगन चहका। तुझसे ही ये... Read more
विमला छंद
*विमला छन्द* (सगण+मगण+नगण+लघु+गुरु, ११ वर्ण, ४ चरण, दो-दो चरण समतुकान्त) 112 222 111 12 तुझसे मेरा जीवन महका। तुझसे मेरा आंगन चहका। तुझसे ही ये... Read more
सखी
बात हुई तुमसे री सखी। सारी बाते ही तुम्हे लिखी। पर देखो किस्मत का फेर सारी बातें कही और दिखी। नाम तुम्हारा देख न पाया।... Read more
मेरा राजस्थान
राजस्थान दिवस पर मेरी कलम घिसाई ******************************** अपने राजस्थान की गाथा सुनाता जितनी मुझे याद हे उतनी बताता। 1*उद्गम* एक नवम्बर 56को अस्तित्व में आया... Read more