Skip to content

मदन मोहन सक्सेना
पिता का नाम: श्री अम्बिका प्रसाद सक्सेना
संपादन :1. भारतीय सांस्कृतिक समाज पत्रिका २. परमाणु पुष्प ,
प्रकाशित पुस्तक:१. शब्द सम्बाद (साझा काब्य संकलन)२. कबिता अनबरत 3. मेरी प्रचलित गज़लें 4. मेरी इक्याबन गजलें
मेरा फेसबुक पेज : ( 1980 + लाइक्स)
https://www.facebook.com/MadanMohanSaxena

Hometown: Shahjahanpur ( U.P)
Published Books

१. शब्द सम्बाद (साझा काब्य संकलन)२. कबिता अनबरत 3. मेरी प्रचलित गज़लें 4. मेरी इक्याबन गजलें

Share this:
All Postsकविता (35)गज़ल/गीतिका (90)मुक्तक (5)गीत (8)लेख (3)शेर (4)
भरोसा हो तो किस पर हो सभी इक जैसे दिखतें हैं
किसको आज फुर्सत है किसी की बात सुनने की अपने ख्बाबों और ख़यालों में सभी मशगूल दिखतें हैं सबक क्या क्या सिखाता है जीबन का... Read more
तुम्हारा साथ जब होगा नजारा ही नया होगा
तुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमको तुमको पास पायेंगे तो मेरा हाल क्या होगा तुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती है... Read more
मेरे दिलबर तेरी सूरत ही मुझको रास आती है
जुदा हो करके के तुमसे अब ,तुम्हारी याद आती है मेरे दिलबर तेरी सूरत ही मुझको रास आती है कहूं कैसे मैं ये तुमसे बहुत... Read more
भरोसा टूटने पर यार सब कुछ टूट जाता है
भरोसा है तो रिश्तें हैं ,रिश्तें हैं तो खुशहाली भरोसा टूटने पर यार सब कुछ टूट जाता है यारों क्यों लगा करतें हैं दुश्मन जैसे... Read more
ग़ज़ल (दोस्त अपने आज सब क्यों बेगाने लगतें हैं)
जब अपने चेहरे से नकाब हम हटाने लगतें हैं अपने चेहरे को देखकर डर जाने लगते हैं वह हर बात को मेरी क्यों दबाने लगते... Read more
जय हिंदी जय हिंदुस्तान मेरा भारत बने महान
जय हिंदी जय हिंदुस्तान मेरा भारत बने महान गंगा यमुना सी नदियाँ हैं जो देश का मन बढ़ाती हैं सीता सावित्री सी देवी जो आज... Read more
पैसों की ताकत के आगे गिरता हुआ जमीर मिला
सपनीली दुनियाँ मेँ यारों सपनें खूब मचलते देखे रंग बदलती दूनियाँ देखी ,खुद को रंग बदलते देखा सुबिधाभोगी को तो मैनें एक जगह पर जमते... Read more
बेबसी में मन से बहता यह नयन का तीर है
गज़ल गाना चाहता हूँ ,गुनगुनाना चाहता हूँ ग़ज़ल का ही ग़ज़ल में सन्देश देना चाहता हूँ ग़ज़ल मरती है नहीं बिश्बास देना चाहता हूँ गज़ल... Read more
ग़ज़ल(ये रिश्तें काँच से नाजुक)
ग़ज़ल(ये रिश्तें काँच से नाजुक) ये रिश्तें काँच से नाजुक जरा सी चोट पर टूटे बिना रिश्तों के क्या जीवन ,रिश्तों को संभालों तुम जिसे... Read more
प्यार बिन सूना सारा ये संसार है
प्यार रामा में है प्यारा अल्लाह लगे ,प्यार के सूर तुलसी ने किस्से लिखे प्यार बिन जीना दुनिया में बेकार है ,प्यार बिन सूना सारा... Read more
भ्रम
कभी मानब ये सोचकर भ्रम में रहता है वह कितना सक्षम ,समर्थ तथा शक्तिशाली है जिसने समुद्र, चाँद ,पर्बतों पर विजय प्राप्त कर ली है... Read more