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“मौन व्रत की जगह नहीं हैं, कवियों के संस्कारों में”
क्या लिख दूँ ऐ भारत मैं, तस्वीर तेरी अल्फाजों में भूखे नंगे लोग मिलेगें हर कोने गलियारों में सारी दुनिया मौन रहे पर हमकों तो... Read more
मेरी कलम से .....
Kumar Akhilesh शेर Apr 16, 2017
१.उसका दिल, दिल नहीं, रेत का मैदान निकला। कई बार लिखा नाम अपना,हर बार मिटा देती हैं॥ २.मुझें तैरना नहीं आता और उसे डूबना…। मोहब्बत... Read more