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"ज़िन्दगी खूबसूरत कविता है,और मैं बनना चाहती हूँ इक भावनामयी कुशल कवियत्री"
जन्म तिथि - 28 मार्च
शिक्षा - एम.ए. संस्कृत बी. एड, नेट क्वालीफाइड,
संप्रति-
आकाशवाणी उद्घघोषिका(भूतपूर्व)
प्रकाशित कृति- साँझा संकलन "झाँकता चाँद"(हायकु)
विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में समय-समय पर प्रकाशित अनेकानेक रचनायें !

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All Postsकविता (4)
तन्हाईयों का बाजार
तन्हाईयों का बाजार लगाती हैं तुम्हारी यादें हर शाम ढले........ कभी आओ ना तुम भी.... तुम्हारी.. खुशबूओं से महकता इत्र... तुम्हारी जादुई हसी......से छनकती पायल...... Read more
सुनो जादूगर खिल उठते हैं मेरेे होंठ, तुम्हारी चाहत की चाशनी में डूब, गुलाब की सुर्ख पंखुडी से, जब भी तुम लिखतेे हो, मेरे अधरोष्ठों... Read more
क्यूँकि हम बेटियाँ हैं
रचनाकार-किरणमिश्रा विधा-कविता "क्यूँकि हम बेटियाँ हैं" महकाऊंगी कोख तुम्हारी, बोवोगे गर बेटियाँ! बंजर हो जायेगी सारी दुनिया, मारोगे गर बेटियाँ !! अमूल्य निधि हूँ,मुझको पहचानो... Read more