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हिंदी के सबसे छोटे बेटे , कवि बृजमोहन स्वामी'बैरागी' की साहित्य झोंपड़ी में आपका स्वागत है।
"ज्ञान से ज्यादा कल्पनाशक्ति जरूरी है।"

हिंदी/राजस्थानी/उर्दू कहानी और कविता
के साथ साथ नाट्य और पटकथा लेखन में विशेष रुचि।

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जुत्ते बाहर उतारें : लाचारी / बृजमोहन स्वामी 'बैरागी' की घातक कविता
एक लाचारी है, जो ब्याह की तरह हंसती है आगे और लिखा जा सकता है यह बात कहीं नही छापी गई है इसलिए जिन्दा है... Read more