Skip to content

कौशलेन्द्र सिंह लोधी "कौशल" कवि
नि. मतरी बर्मेन्द्र, तहसील-उन्चेहरा, जिला-सतना (म.प्र.) I
राजस्व निरीक्षक पद पर तहसील-पलेरा, जिला-टीकमगढ़ (म.प्र.) में सेवारत I
शिक्षा - बी.एस-सी.(MPG)

Share this:
All Postsकविता (9)दोहे (1)कुण्डलिया (4)घनाक्षरी (4)
कृषि वर्ष
कृषि वर्ष का पहला दिन पहली जुलाई। आप सबको शुभकामनायें हार्दिक बधाई।। बादल जल बरसायें, जी भर गरजे कड़के। किन्तु आपदा कभी, कहीं पर न... Read more
विविध दोहे
विविध दोहे पानी स्वयं बचाइए, करिये स्वयं सुधार। औरों को बतलाइये, व्यर्थ न हो जलधार।। पानी को कम खर्चिये, लेकिन रहिये साफ। गंदा हाथ नहीं... Read more
मजदूर
आज जब मैंने मजदूर दिवस पर मजदूर पर नजर डाली तो 2 पंक्तियाँ लिखने को मजबूर हो गया। रात-दिन मेहनत करता है। लेकिन कभी न... Read more
जय जय जय भीम, गूंजता गगन है
हिन्दुस्तान के हैं शान, अम्बेडकर महान। विश्व ज्ञान के प्रतीक, आपको नमन है।। दिल से जो दयावान, दलितों के स्वाभिमान। लिख दिया संविधान, देश ये... Read more
मोबाइल जिन्दगी
उठते ही मोबाइल देखा। सोते भी मोबाइल देखा।। चलते-फिरते खाते-पीते; बार-बार मोबाइल देखा।। मोबाइल प्रोफ़ाइल देखा। फ़ोटो की स्टाइल देखा।। कौशल अब भगवान से बढ़कर... Read more
होली
होली पर्व है प्रेम का, भाई चारा धर्म। मन का कलुष मिटाइए, समझ ज्ञान का मर्म।। समझ ज्ञान का मर्म, जैन शिन्तो ईसाई। हिन्दू मुस्लिम... Read more