Skip to content
अंकूर फूटने की आश जग गई थी
अहा! कितना अच्‍छा लगा, उनसे मिलकर, बाँट रहे थे ज्ञान, अवसर आ गया द्वार पर, प्रफुल्लित हुआ मैं, ज्ञान-भंडार से मिलकर। उम्‍मीद जगा मेरे अंदर,... Read more
नोटबंदी का जहाँ कई लोग विरोध करते थकते नहीं हैं।…
नोटबंदी का जहाँ कई लोग विरोध करते थकते नहीं हैं। गरीबों के हित की चिंता कर सरकार की अलोचना करने में लगे रहते हैं। वहीं... Read more
बदलते चेहरे
क्याा कहा, वह छल प्रपंची और बेईमान हैं, भीतरघात भी, रहते चुपचाप ही, करते जब प्रहार, दिखता नहीं किसी को नजारा है। क्याा कहा, कला... Read more
परिन्‍दे
परिन्‍दे की झूंड में मैं, उड़ रहा नील गगन में, खुश हूं सबके साथ, झूम रहा हूँ अपने मगन में। चीं-चीं, चूं-चूं के कलरव से,... Read more
कोई लौटा दे मेरे वह हिन्‍दुस्‍तान
कोई लौटा दे मेरे वह हिन्‍दुस्‍तान, जिसमें थी बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान। पर नहीं हो अंग्रेजों का शासन, कायम हो विद्वानों का शासन। न हो कोई... Read more
औलाद
औलाद —————————————— माँ का हूँ मैं औलाद, मिल रहा है मुझको आशीर्वाद, उनके आशीर्वाद हो रहा हूँ आबाद, और नहीं हो सकता हूँ मैं कभी... Read more
चुप्‍पी तोड़ें
चुप्‍पी तोड़ें आतंकियों का धर्म नहीं होता, आईये इनके विरूद्ध आवाज उठायें, हमारी चुप्‍पी नासूर बन गई है, आएं चुप्‍पी तोड़ें देश हित में कुछ... Read more
कन्‍यादान
कन्‍यादान कलेजे को टुकड़े को दान किए जा रहा हूँ, नम है मेरी ऑंखें कन्‍यादान किए जा रहा हूँ। जाओ मेरी बिटिया, जाओ पिया के... Read more
चोट
चोट _____________________________________________________________________________________________________________________ बेटा जवान हो गया था, अब उनका। बहुत लालसा पाल कर रखी थी, उसने। काफी संघर्षमय जिंदगी उनकी गुजरी थी। पर हाय, उनके... Read more
रौशनी
रौशनी ———————– पथ अँधेरे, फिर भी कदम हैं बढ़ रहे, एक रौशनी की आश में, तुझे पाने की आश में। पथ है कठिन, पर हौंसले... Read more
रेत
रेत --------------------------- जैसे भभरती है, मुट्ठियों से भरी रेत, वैसे ही छूट रही है, बँधे हुए ये संबंध। टूटते जा रहे हैं, बँधनें प्रेम की,... Read more
पुनर्जन्म
क्यों कुचक्र रचते हो, क्यों अत्‍याचार करते हो, इस जन्म् में कुछ तो करो, पुनर्जन्म की बात क्यों करते हो। इस जन्म में पाप के... Read more