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I am kamni gupta from jammu . writing is my hobby.
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ऐ ज़िन्दगी !
kamni Gupta गीत Apr 19, 2017
अजीब कशमकश से गुज़र रही है क्यूं। ऐ ज़िन्दगी आजकल संवर रही है क्यूं। बहुत पीछे रह गया है वो मोड़ अब ; वहां लाकर... Read more
हाइकू !
१. प्रकृति आपदा हर पल है डरे मानव अब बचाए कौन ! २. असंतुलन प्रकृति का प्रकोप समझो अब ! ३. ये प्रदूषण हरियाली सिमटे... Read more
ग़ज़ल(आजकल)
आजकल कुछ ऐसा दस्तूर हो गया है। पैसा ही सब का जी हुजूर हो गया है। रिश्तों में अब पहले जैसा नहीं अपनापन; शोहरत का... Read more
लगता है !
लगता है दिल हाथ से जाता रहेगा। नगमें मुहोब्बत के गाता रहेगा। तुम रूठ जाओ कभी तो ऐ सनम; दिल यह तुम्हें यूं ही मनाता... Read more
ग़ज़ल
सुख दुख का मिश्रण यह संसार है। मिलता मुशकिल से सच्चा प्यार है। कर दे कुर्बान खुद को जो वतन पर; ऐसा कोई ही होता... Read more
ग़ज़ल
कभी कभी खुद को यूं समझाना चाहिए। सोच समझ कर दिल कहीं लगाना चाहिए। कुछ लोग समझते हैं खुद को ही भग्वान; आइना उनको भी... Read more
ग़ज़ल
हवाएं भी कहीं नदी का रुख बताती तो हैं। खामोशी से ही मगर पैगाम दे जाती तो हैं। तुम क्या समझोगे लहरों की इस बेचैनी... Read more
बेटियां
हर जगह अपना नाम कमा रही हैं बेटियां। घर की ज़िम्मेदारी उठा रही हैं बेटियां। ब्याह के जब यह मायके को छोड़ जाती हैं; ससुराल... Read more
भुजंगी छन्द
करें वायदा तो निभाएं वहीं भले साथ कोई चले या नहीं खुशी ही मिलेगी ज़रूरी कहां दुखों को मिटादे उसी का यहां।।। कामनी गुप्ता ***... Read more
सूखे पत्तों पर
kamni Gupta शेर Aug 28, 2016
सूखे पत्तों की अभी सरसराहट बाकि है। तुम्हारे आने की यूंही आहट बाकि है।।। कामनी गुप्ता ***
तिरंगा
जीवन तो है आना जाना। अपने फर्ज कभी न भुलाना। अपने वतन पर मिटेंगे हम; कभी न कदम पीछे हटाना। जो जां काम न आए... Read more
सच्चा सुख
काज सभी ऐसे करें,जग का हो कल्याण रहे न कोई भी दुखी,बढ़े सभी का मान बढ़े सभी का मान,रहें सब ही हर्षाते जो करते शुभ... Read more
श्याम
मन में बसी श्याम की मनमोहक काया। सजे अधर पे बंसी सुर मधुर सजाया। भूली सब काम-धाम मैं देखो सखियो; मोर-मुकुट संग ह्रदय क्यों हाय... Read more
प्रकृति
प्रकृति के प्रकोप से सहम गया इन्सां मंज़िल भी पुकारे पर राहें करती हैरां पग-पग आज़माइश है पर न हो परेशां कभी घने कोहरे कभी... Read more
कविता या कहानी नहीं
kamni Gupta शेर Aug 15, 2016
कैसे कह दूं मैं कोई कहानी। न मैं कोई कवि न मैं कोई ज्ञानी।। चंद लफ्ज़ों में कैसे कह दोगे उसकी ज़िन्दगी कहीं। इन्सान है... Read more
मेरा वतन
kamni Gupta शेर Aug 13, 2016
1-सरहद पर जब जब दुशमन ने वीरों को ललकारा है। बड़ते रहे कदम वीरों के लगाया भारत मां का जयकारा है। 2-अपने तिरंगे की खातिर... Read more
कह न पाए
kamni Gupta शेर Aug 10, 2016
१-वो बातें अकसर घायल करती रही! चाह कर भी न कह पाए जो हम कभी!! २-मिलकर भी रह जाती हैं कुछ तो हसरतें बाकि! तुम... Read more
हसरतें
हसरतें दिल में लिए न खामोश रहो तुम कह भी दो अधरों से न रहो खुद में गुम मौसम तो यूंही पल-पल बदलते रहेंगे मगर... Read more
हमारा देश
kamni Gupta लेख Aug 6, 2016
बात जब देश की हो तो हर देशवासी अपने देश को प्रगति की राह में जाते हुए आगे बड़ते हुए और समृद्ध देखना चाहता है।... Read more
शेर
kamni Gupta शेर Aug 4, 2016
बाँट सकूं गम तुम्हारे बस इतनी सी तमन्ना है! खुशियों में गर शामिल न करो तो कोई गम नहीं है!!! रहते हैं संग-संग बहते हैं... Read more