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कविता मेरे लिये एक रिश्ता हैं जो मेरे और आप के दरमियाँ हैं।
अपना दर्द अपनी खुशी अपनी आवाज आप तक पहुचाने के लिए लिखता हूं।

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All Postsकविता (5)गज़ल/गीतिका (1)
विद्रोही मन
छांव में जब आये पसीना, स्नेह मैं होने लगे घुटन। जब प्रेम गीत कर्कश लगें, बात बात मैं हो अनबन। जब इत्र तुम्हे बदवू लगे,... Read more
अदभुत है बिटिया
दिनभर की थकान एक पल मैं हटा देती है, दौड़ कर अपना लॉलीपॉप मुझे चटा देती है। जिंदगी रोज जो मुझे मुश्किलों मैं फसा देती... Read more
छोड़े अंधविश्वास
एक न्यायाधीश प्रकरण सुलझा गया, आस्था के सामने विवेक मुरझा गया। दर्जनों लोग मारे गए कितना है नुकसान, ऐंसे लोगों को क्यो मानते हो भगवान।... Read more