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शिक्षा-स्नातकोत्तर (इतिहास), सिस्टम मैनेजर कार्यालय-प्रवर अधीक्षक डाकघर मथुरा मण्डल, मथुरा, हनुमत सिद्ध परम पूज्य गुरुदेव की कृपा से कविता करना आ गया, इसमें कुछ भी विशेष नहीं, क्यों कि सिद्धों के संग से ऐसी सामान्य गुण विकसित हो जाते है।
आदर्श वाक्य है- "स्वे स्वे कर्मण्यभिरत: संसिद्धिं लभते नर:",
"तेरे थपे उथपे न महेश, थपे तिनकों जे घर घाले
तेरे निवाजे गरीब निवाज़, विराजत वैरिन के उर साले"

मच्चित्ता मद् गतप्राणा बोधयन्तः परस्परम्।
कथयन्तश्च मां नित्यं तुष्यन्ति च रमन्ति च ।।9।।
तेषां सततयुक्तानां भजतां – प्रीतिपूर्वकम्।
ददामि बुद्धियोगं तं येन मामुपयान्ति ते।।10।।(श्री म॰भ॰ अ-10)

महापुरुषों की जीवन चरित्र का स्वाध्याय, वैष्णव ग्रन्थों का निदिध्यासन, मनन व अनुशीलन, कविताओं को करने में मात्र संतों का आशीर्वाद ओर कुछ नहीं।
चलभाष-9411931822 (My Blog-hanumantsharan.blogspot.com)

Hometown: ग्राम-चुरथरा पोस्ट-अवागढ़ जनपद-एटा-207301
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All Postsकविता (39)गज़ल/गीतिका (2)मुक्तक (4)गीत (1)हाइकु (1)
🌻🌻श्रीश्री बाबा नीम करौरी स्तुति(तोटक छ्न्द में)🌻🌻
जय लक्ष्मण दास नमामि हरे, जय लीला कृपा आगार हरे। जय जन्म सिद्ध सर्व व्याप्त, परम प्रेम जय जय अच्युत। हनुमत स्वरुप जय श्री मान,... Read more
??विश्व धरा के जन जन को दीपोत्सव मंगलमय हो ??
धवल प्रकाश विखेरे दीपक धरनी पर, अलंकार ज्यों शोभित होते तरुणी पर, नव तरुणी सी शोभा लेकर अपनी पावन संस्कृति हो, विश्व धरा के जन... Read more
‼‼ बजरंगी मेरे मन की पीर हरो ‼‼
सभी सुहृदों को हनुमत जन्म महोत्सव की अग्रिम शुभ कामना, हनुमान जी सभी सद्बुद्धि देवें तथा रघुपति चरणों में प्रेम बृद्धि करें। जय हनुमान बजरंगी... Read more
✍✍✍हौंसले सहस्त्र होंगे, जब ध्येय की हक़ीकत होगी✍✍✍
हौंसले सहस्त्र होंगे, जब ध्येय की हक़ीकत होगी, श्रम बिन्दु जब दृश्य होंगे, विजय भी सजीव होगी, विजय ख़ुशी की महक, सुगन्धित इत्र सी लगेगी,... Read more
***हनुमत दूरि करो कठिनाई ***
हनुमत दूरि करो कठिनाई, निशि दिन ध्यावत टेरि लगावत अश्रु गिरे झरराई, क्रूर निरशिया घेरे मोकूँ टेढि मार्ग उपजाई, ध्यान धरूँ प्रभु रघुवर को तबहुँ... Read more
***हिन्दी भारत की शान है***(कुछ मुक्तक)
हिन्दी दिवस पर कुछ मुक्तक बने, जो रह गए थे, जो निम्नवत हैं। मुक्तक संख्या-01 संस्कृति का अवगाहन हिन्दी,भारत की शान है हिन्दी, उद्यम और... Read more
****तूफान भी क्यों न रुक उठेगा?****
प्रायः देखा गया है कि परिश्रमी व्यक्तियों को अचानक निराशा घेर लेती है। सामाजिक विद्रुप का सामना भी उस व्यक्ति को करना पड़ता है,ऐसे व्यक्ति... Read more
?? वज्र सा फिर एक प्रहार चाहिए??(पद संचलन गीत)
वज्र सा फिर एक प्रहार चाहिए, प्रहार चाहिए, हुँकार चाहिए, पुनः गांडीव की टंकार चाहिए, टंकार चाहिए, झन्कार चाहिए।।1।। अब काश्मीर में शान्ति चाहिए, शांति... Read more