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Hi I am Jagdish Gulia . Dy. manager Finace & Accounts with a public Ltd. Co. Writting of satirical poem , Harvanvi geet ,sharo-shayri and Quotes etc.

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All Postsकविता (3)
अब भी हमें आजादी चाहिए, भ्रस्टाचार और बेईमानी से । कब हमको निजात मिलेगा, इस आंतकवाद पाकिस्तानी से ।। देश को अभी आजादी चाहिए, आरक्षण... Read more