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मैं "इंदु वर्मा" राजस्थान की निवासी हूं,कोई बहुत बड़ी लेखिका या कवयित्री नहीं हूं लेकिन हाँ लिखना अच्छा लगता है सामाजिक विषयों और परिस्थितियों पर मन और कलम का गठबंधन करके ☺
कोई किताब या पत्रिका भी नहीं छपी पर हां सोशल साइट पर बड़ी संख्या में कॉपी पेस्ट और उन पर सकारात्मक और भावनात्मक टिप्पणियों और दोस्तों के द्वारा उत्साहवर्धन से लगा "हां मैं भी लिख सकती हूं"? और लिखूंगी ☺

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छोले पुड़ी सी नमकीन और हलवे सी मीठी यादें...
#छोले_पूड़ी_सी_नमकीन_हलवे_सी_मीठी_यादें "तेरे पास कितने रुपये इकठ्ठे हुए" "19" हैं?????? :o "तो मेरे पास 18 कैसे हैं".... :/ कौनसी ज़ालिम आंटी ने नहीं बुलाया मुझे???? मन... Read more
दिल चाहता हैं मैं भी प्रेमगीत लिखूँ शब्दों से सजाकर अपना मनमीत लिखूँ बारिश की बूँदें,फूलों की खुशबू हवा की सनसनाहट,चाँद की आहट लिखूँ.... दिल... Read more