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योगाचार्य और रंगकर्मी के रूप अपने को स्थापित किया लिखने का शौक वचपन से ही रहा आकाशवाणी से रचनाऐं प्रसारित ।गद्द एवं पद्द दोनों पर लिख रहा हूं अभिनय एवं निर्देशन में कार्यरत

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All Postsकविता (2)गज़ल/गीतिका (2)गीत (1)
कविता
"मैने पूछा भगवान से" मैंने पूछा भगवान से एक बात समझ नहीं आती। मनुष्य जानवरों सा व्यवहार क्यों करने लगा है। अपनी बहन बेटियों से... Read more
"दाखला" एक अबला सी नारी। बेबस बेचारी।। डरती सहमती सकुचाती। विद्यालय की ओर जाती।। पांच बर्ष का मासूम सा नोनिहाल। जो तन से था बिल्कुल... Read more