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स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और ब्लॉगर
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All Postsकविता (4)गज़ल/गीतिका (5)गीत (2)दोहे (6)
ट्रैफिक सिग्नलों पर बच्चे
महानगर की चौड़ी चिकनी सड़़कों पर दौड़ती हैं दिन-रात अनगिनत गाड़ियां सुस्ताती हैं थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक सिग्नलों पर जलती हैं जब लाल बत्तियां... Read more
नेह लुटाती चाँदनी
शीतल, उज्जवल रश्मियाँ, बरसे अमृत धार। नेह लुटाती चाँदनी, कर सोलह श्रृंगार।। शरद पूर्णिमा रात में, खिले कुमुदनी फूल। रास रचाए मोहना, कालिंदी के कूल।।... Read more
विजय पर्व पर कीजिए, पापों का संहार
जगत जननी जगदम्बिका, सर्वशक्ति स्वरूप। दयामयी दुःखनाशिनी, नव दुर्गा नौ रूप।। शक्ति पर्व नवरात्र में, शुभता का संचार। भक्तिपूर्ण माहौल से, होते शुद्ध विचार ।।... Read more
क्या जश्ने आज़ादी
तड़प रही आबादी क्या जश्ने आज़ादी जन-गण में लाचारी भूख और बेकारी हर आँखें फरियादी क्या जश्ने आज़ादी दर्द और तक़लीफ़ें टूट रही उम्मीदें मुश्किलें... Read more