Skip to content

मैं कोई कवि नही और ना ही बनना चाहता हुँ
मुझे तो लिखने का शौक है कविता लिखता
हूँ सिर्फ गीत ग़ज़ल शेर भी लिखता हूँ

All Postsकविता (11)गज़ल/गीतिका (1)मुक्तक (1)
जन्मदिन
ये जन्मदिन है विस्तृत, कोई संकुचित नही, मन में जिसके कोई दुःख फिर भी दया व प्यार बिखेरता वो सर्वव्यापी उद्धारकर्ता हुआ था जन्म जिसका... Read more
भूल
कप-कपाते हुए होठों की एक फरियाद जिसकी वजह से आज सन्नाटे से भरी बस्ती मै जो हम खड़े है अकेले वो भूल आज भी याद... Read more
अधूरी कविता
उसके कदमों पे गिर जाता इतना भी मै मज़बूर न था चाहता था बहुत उसे पर मेरे दिल को ये मंज़ूर ना था वफ़ा के... Read more
कोशिश
निश्चित ही वो समय आ गया है जब तुमको भुलाना पड़ेगा साथ ही हर कल्पना परिकल्पना को मिटाना पड़ेगा कुछ अभिलाषाएं भी मिटा जायेगी परन्तु... Read more
चाँद
शांत टकटकी लगाये देखता है शायद मेरे हालात पर हँसता है ऐ मेरी खिडकी के चाँद सुनो पल भर ठहरो अपना कुछ हाल सुनाता हूं... Read more
धड़कन
खुद की धड़कन नही सुन पाता हु अब सीने में धड़कता ही नही ह्रदय तो कही और है खुद को आइने के सामने रख कर... Read more
बेख़बर
नही बदलने वाला ये दृश्य मित्रा यदि तू यों घर पर ही बैठा रहेगा । लूट रहे है जिहादी इस देश को फिर भी तू... Read more
प्रश्नोत्तर
प्रश्नोत्तर ( काल्पनिक ) उसी बूढ़े बरगद पर मेरा नाम पुनः लिख सकते हो? नही क्यों ? लिख नही पाओगे ? मिटा नही पाऊँगा अच्छा... Read more