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लिखना,पढ़ना और पढ़ाना अच्छा लगता है,
खुद से खुद का ही बतियाना अच्छा लगता है,
राग,द्वेष न घृृणा,कपट हो मानव के मन में ,
दिल में ऐसे ख्वाब सजाना अच्छा लगता है

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दशहरा
⛳⛳????⛳⛳ रावण चाहे बाहर हो,या बैठा हो मन के अन्दर। ढूँढ़ कर मारें उसको,हे राम!तेरे तरकश के शर। श्री राम के जैसा होना,बस की हमारे... Read more
शिक्षा के सरोकार
शिक्षा के सरोकार "सा विद्या या विमुक्तये" हमारे प्राचीन मनीषियों ने विद्या को मुक्तिकारक बताया है।अर्थात,विद्या वह है जो हमें अज्ञान से मुक्ति दिलाकर ज्ञानी... Read more
उपहार
??उपहार?? "मेरे ब'र्डे पर मुझे इस बार साइकिल ही गिफ्ट में चाहिए,दादी" "अरे क्यों नहीं।कौन मना करेगा मेरे बाबू के गिफ्ट के लिए?सुन लो सब,इस... Read more
प्रार्थना
???प्रार्थना??? मैं करूँ ये प्रार्थना माँ,राह मेरी से मिला दो इस धरा के कण्टकों में,फूल सा रहना सिखा दो मैं करूँ ये प्रार्थना..... हो रही... Read more
दिव्य तुम अवतार हो
?दिव्य तुम अवतार हो ? श्वेताम्बरा माँ,करे वीणा,ज्ञान का आधार हो ! मरालवाहिनी अम्ब मेरी,दिव्य तुम अवतार हो ! कोना-कोना वसुन्धरा का,अचरजों से है भरा।... Read more
मौन
मौन-समस्या या समाधान "अरे!अब कुछ बोलोगी भी या नहीं|तुम्हारी यह चुप्पी मेरे तन बदन में आग लगा देती है|"रमेश चिल्लाये जा रहा था,पर रीमा थी... Read more
तम्बाकू दुश्मन है
कुण्डलिया छन्द (विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर) तम्बाकू मुँह डाल के,कलुवा रहा चबाय पैकिट में चेतावनी,माथा रही खुजाय माथा रही खुजाय,पढ़ेगा कैसे कलुवा पढ़े लिखे... Read more
दिलों में दिया फिर जलाना पड़ेगा
अंधेेरा सफर का हटाना पड़ेगा| दिलों में दिया फिर जलाना पड़ेगा| कदम कामयाबी का पहला रखा है, अभी दूर तक हमको जाना पड़ेगा| न चीखो... Read more
कान्हा जहाँ रहे
(१)- मथुरा,गोकुल,वृन्दावन,बरसाना,द्वारिका लीला मंच बने मेरे श्यामल गिरिधारी का तीरथ हुई वह पावन भूमि कान्हा जहाँ रहे प्रभु कृपा तीरथ मन होवे मुझ दुखियारी का|... Read more