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आवाज
Hansraj Suthar गीत Apr 30, 2017
सुन रहा ना कोई गरीब की आह बहरा पड़ा है ये अपना समाज जगाना है इस समाज को सुना दो सबको कलम की आवाज तानाशाही... Read more
याद गार
आयोजन : याद गार यात्रा शायद उतने समझदार नही थे हम लगभग उम्र 14 वर्ष की थी होली का वक्त था हमको मुंम्बई से राजस्थान... Read more
शिकायते
वादे ज़िन्दगी भर साथ रहने के,,,, वो तो पल दो पल ठहरे है!!! दिए उनके जख्म दीखते नही ,,,, पर जख्म वो गहरे है!!!! कैसे... Read more