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घनाक्षरी छंद
चित्र की चर्चा घनाक्षरी छंद जीएसटी नोटबंदी जनता को लाए लाभ, जै जैकार व्यापारी किसान करने लगा। विदेशों से काला धन लौटके स्वदेश आया, सीधा... Read more
बाल कविता (हास्य)
बाल दिवस पर बाल केंद्रित एक कविता बाल दिवस पर विद्यालय में, बोल रहे थे बाबूलाल। नेहरु जी के सिर के ऊपर, नहीं जमे थे... Read more
कवियों की सरकार 1
कवियों की सरकार घनाक्षरी छंद एक बोला कवियोंकाक्या है ?सभी मंच पर, देशहित गाते बातें करते बड़ी-बड़ी। राष्ट्रभक्ति तालियों के अंदर समाई हुई, जोड़ते हैं... Read more
घनाक्षरी छंद
लीला भंसाली से घनाक्षरी छंद लीला भंसाली है दिमाग से तू खाली तूने, नजर ना डाली क्या कहानी हिंदुवाने की । राजस्थानी पानी कहां पद्मा... Read more
पुत्र को सीख
घनाक्षरी छंद पंच सरपंच मिलने से मंच नहीं मिला, कुंठित भड़ास कहीं भी निकालता है क्यों। सर्वहित लिख, कुछ अलग सा दिख, बेटा, अनुभव बिन... Read more
चाणक्य की चोटी
घनाक्षरी छंद सत्य बात को अगर नब्बेआदमी नकारें, दस के दिमाग में जाके जरूर गड़ेगी। दीप छोटा है भले वजूद उसका है कुछ, अंधकार की... Read more
डमरू घनाक्षरी
लोगों से सुना है कि ,इस प्रकार की कविता नर काव्य के रूप में नहीं लिखना चाहिए ।उसका बहुत बड़ा परिणाम भुगतना पड़ता है क्योंकि... Read more
हम और वे
हरि गीतिका छंद जो तालियों की गड़गड़ाहट से ,गगन तक छा रहे। जो गाय गंगा और, गायत्री की महिमा गा रहे । जो जाति बंधन... Read more
चदरिया
1-चदरिया सवैया लालच लोभ भरी लिप्सा लिपटी जस होय पिटारी विषैली काम व क्रोध की बेल बनी जब जो थल पास रहा तहां फैली होकर... Read more
जटायु गाथा
जटायु गाथा सवैया छंद सीय बिठा रथ ले चला रावण जैसे कसाई के हाथ में गायू कीन्ह पुकार सिया वन में पर पास कोउ बलवान... Read more
कालिया मर्दन
ज्योतिषी शंकर जी बनके जिनके पद का स्पर्श था पाया गौतम नारी तरी तप से प्रभु ने अपना पद शीश लगाया जो पद पाने ऋषि... Read more
श्राद्ध पक्ष
श्राद्ध पक्ष घनाक्षरी छंद कभी नहीं जाना हाल जरा ना किया ख्याल बीमारियां पिताजी को आती रहीं घेर घेर सेवा कार्य नहीं किया मौका देख... Read more
हिन्दुस्तान है
हिंदुस्तान है (घनाक्षरी छंद) गुरूजी ने कहा एक शब्द के अनेक अर्थ होते बेटा शब्दों की पूरण करो छान है सत्य, प्रेम, सदभाव, क्षमा, दया,... Read more
भ्रष्ट नेता चतुर नायिका
भ्रष्ट नेता चतुर नायिका रूपक,उपमा अलंकार, घनाक्षरी छंद नेताजी ने कहा खुशहाल कर दूंगा तुझे, पूरे परिवार की गरीबी भी मिटाऊंगा। छोटे भाई को लगा... Read more
गणेश बाल लीला
बाल गणेश लीला(हास्य) बालक गणेश बोले माता तुम कहती हो पिताजी का देवों में श्रेष्ठ स्थान है सबको सपरिवार खाने पै बुलाते लोग हंसी खुशी... Read more
मन और आत्मा
आत्मा ने कहा परमात्मा में ध्यान लगा मनचाहे और थोड़ा सा रोमांस देख लूं। आत्मा ने कहा सौ सौ बार देखा छोड़ इसे मनचाहे और... Read more
हे राम
हे राम साधू सन्यासी वा बाबा त्यागी तपसी तीर्थ समान दर्शन कर चरणों में लागो मिले तुरत ही पुण्य महान मान्यतायें हैं यही पुरातन हम... Read more
खुद फूंक रहे हैं
खुद फूंक रहे हैं घनाक्षरी छंद काट काट रेल की पटरियां उखाड़ रहे, स्टेशन मिटाने में नहीं चूक रहे हैं। आफिसों में तोड़फोड़ सभी शीशे... Read more
राम रहीम
बाबा राम रहीम (घनाक्षरी छंद समान भाव) राम व रहीम में नहीं है कुछ फर्क यारो, दोनों की हैं नीतियां समाज खुशहाल की। राम करें... Read more
पैरोडी
guru saxena गीत Aug 30, 2017
बाबा राम रहीम के उद्गार (फिल्मी तर्ज पर एक गीत) जज ने जरा रहम नहीं खाया है दोस्तो बाबा तुम्हारा जेल में आया है दोस्तो... Read more
ब्रज की रज
सवैया (ब्रज की रज) ब्रज के वन बाग तड़ाग हैं धन्य जहाँ जन्मे श्रीकृष्ण कन्हाई धन्य धरा वह धन्य कदंब जहाँ मुरली घनश्याम बजाई जो... Read more
रानी अवंती बाई
रानी अवंतीबाई को श्रद्धांजलि दुर्गा जैसी उतरी रण में रखा देश का पानी जीवन भर वह रही जूझती हार कभी ना मानी अठ्ठारह सौ सत्तावन... Read more
अनुमान प्रमाण
घनाक्षरी छंद अनुमान प्रमाण अलंकार संभव है किसी दिन ऐसी कोई आंधी चले, कट्टर विचारों वाले पीले पत्ते झड़ेंगे। ज्वालामुखी शांत होंगें भाँति भाँति प्रान्त... Read more
वन्दे मातरम्
वन्दे मातरम् यह दिन शहीदों के बलिदान का यह दिन भारत के स्वाभिमान का यह दिन शौर्य पराक्रम का प्रतीक तिरंगे की आन बान और... Read more
तिरंगा
तिरंगा, सवैया छंद दे रहे लोग सलामी तुझे यह पाकर पर्व महान तिरंगा तू बतला रहा मोल आजादी का कैसे हुए बलिदान तिरंगा देख तुझे... Read more
तिरंगा
तिरंगा आपस में मतभेद विचारों का देते विरोधी बयान तिरंगा सत्ता में कोई तो कोई विपक्ष में है सबका स्थान तिरंगा खूब लड़ें-झगड़ें पद पाने... Read more
सिचवेशन कविता
वर्षा की फुहार :-सिचुवेशन-: एक नायिका बारिश में भीग रही है उसे देखकर देश के चर्चित कवियों की काव्य मय अभिव्यक्ति क्या होगी इस पर... Read more
सिचवेशन कविता
वर्षा की फुहार :-सिचुवेशन-: एक नायिका बारिश में भीग रही है उसे देखकर देश के चर्चित कवियों की काव्य मय अभिव्यक्ति क्या होगी मैंने लिखते... Read more
कृपान घनाक्षरी
कृपान घनाक्षरी बैरी आज सीना तान करे जंग का ऐलान, ओ सपूतो सावधान,आन-बान जा न पाय। माता भारती का मान,वीरो राखो देके प्रान, ललकारो प्रण... Read more
जरा बतिया ले
सवैया छंद आदमी कि नहिं गैस मिटे चहे बीस प्रकार की औषधि खा ले औरत को जब गैस बने वह कोई दवाई का टंटा न... Read more
हिमालय
कुंदलता सवैया ( 8 सगण 2 लघु) चलते नित हैं सत् के पथ में, फिर हो किस भांति हमारी पराजय। जिस ठौर रहें सब ताप... Read more
नेता जी और यमराज
एक नेता जाके यमराज की अदालत में, अड़ गया बोला मुझे स्वर्ग भिजवाइये। स्वर्ग भिजवाया बोला क्या धरा सदस्यता में, इंद्र के निकट किसी पद... Read more
कुन्डलिया
सब प्रकार से सफल है, मोदी जी का राज अन्न सड़ा गोदाम में, फिकी सड़क पर प्याज फिकी सड़क पर प्याज, कृषक फांसी पर लटके... Read more
कवी मंच वालो
व्यंग्य विनोद कवी मंच वालो कवी मंच वालो यहां मैं जमाऊं वहां तुम जमालो मदारी के लटके सभी एक जैसे ये बातों के झटके सभी... Read more
नया कवि
जवानी के जोश में जवान कहां जाके फंसा जोश क्या करा दे कोई होश नहीं रहता अपराधी करे अपराध बार-बार उसे मन में जरा भी... Read more