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मै साहित्य का अदना सा कलमकार हूँ माँ शारदे की कृपा से थोडा बहुत लिख लेता हूँ /मै ज्यादातर श्रंगार पर लिखता हूँ/और वीर लिखता हूँ/

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कुछ मुक्तक
gopal pathak शेर May 3, 2017
तेरे इस अहसास को अहसान बना लू तुझको जिन्दगी का महमान बना लू पलकों पर रखु तुझको या दिल में सहज लू लगता है तुझको... Read more
प्यार की कहानी
gopal pathak गीत Apr 20, 2017
खुला छोड़ा है जिनको दरवाजा अन्दर वो अभी तक आये नहीं हैं हमने तो अपनी कहानी बता दी पर जज्वात उनने जताए नहीं है वो... Read more
लिखते  रहते है
गुल तो गुलशन में रोज खिलते रहेते है कभी नए तो कभी पुराने मिलते रहते है तुम भी कदर् करो क्यों आखिर मेरे इन जज्वातो... Read more