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दिमाग से इंजीनियर
दिल से रचनाकार !

वस्तुतः मैं कोई रचनाकार नहीं हूँ, मैं एक इंजीनियर हूँ ।
मैं वही लिखता हूं जो मेरी आंखें देखती हैं और दिल समझता है उन्हें को कलम के सहारे में व्यक्त कर देता हूं पेज पर।
बहुत ज्यादा साहित्यिक भाषा नहीं आती है। पर प्रयास रहता है ज्यादा से ज्यादा सीखने का ज्यादा से ज्यादा आपकी रचनाओं को पढ़ने का और समाज के लिए कुछ करने का।

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खुली चुनौती
नहीं माने बात हमारी किया प्रयास कई बार लेकिन हर बार समझे शांति और बातचीत को हमारी कमजोरी । हुई जब जगहंसाई चहुँओर बात तब... Read more
सवाल ????
हादसे तो हो रहे हर रोज तो क्या ? घर से निकलना छोड़ दें ! वक्त बेवक्त गम आते रहते हैं तो क्या ? मुस्कुराना... Read more
परदेसी
जब भी देखता हूं फोटो देश की अपनी इंटरनेट पर भर जाता है दिल उमंग से जगता है उमड़ता है देश प्रेम अपने आप से... Read more
देशभक्ति 24×7
मत दिखाओ देशभक्ति सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी को दिखाओ देशभक्ति हर पल दूर करने में गरीबी, अशिक्षा और भ्रष्टाचार को। मत जताओ देश... Read more
फर्क
" मम्मी दादी की तबीयत अब कैसी है ? पहले से कुछ सुधार हुआ है या नहीं बहुत मन कर रहा है। उन्हें देखने को... Read more
तुम्हारा एहसास
मौजूदगी तुम्हारी मुझे एक अलग एहसास दिलाती है मेरे हर पल को खास बनाती है खुशनुमा हो जाता है वह पल जब तुम पास होते... Read more