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(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !

Hometown: महादेव क्लीनिक, मानेसर(हरियाणा)
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महाकवि,जगत् मसीहा मार्ग-दर्शक*बाबा साहब*
*आदर्श-युक्ति* जिम्मेदारियों में नहीं है बोझ इतना, जितना रिश्तों ने ...उलझा दिया, सीखना था बस स्वावलंबी बनना, इसमें भी जाति-वर्ण का महाजाल बिछा दिया, दलदल... Read more
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"रसोई और सत्ता"का"व्यंग्यात्मक संबंध" प्याज ने हमसे दिल्ली छीनी, टमाटर तू..... लाल-किला छीन न लेना, समझ नहीं आया तेरा व्यवहार, ऊपर से आया दीवाली का... Read more
कुछ की चाहत
सीमित की चाह में ..सीमित ही रह गए, वरन् सब चाहने वाले ..अपने ही थे, असीमित की चाह में ..भटक गए, ये सोच.. चाहत ही... Read more
साध और संगत.....खुद की भली,
परिणाम चाहिए, सम्मोहन से बचे, स्वावलंबी बने, स्वतंत्रता की पहली शिक्षा, आप्त-वचन किसी महापुरुष के वचन हैं, आपके नहीं, उनका अंध-अनुकरण या अंध-अनुशरण की बजाय... Read more