Skip to content

स्नातक(आयुर्वेदाचार्य) विधा:- कविता, हास्य- व्यंग्य, शेर,गजल, कहानी,मुक्तक,लेख,
संप्रति:-फेसबुक @mahender2872.
ट्विटर @DrMahenderSing7.

Hometown: महादेव क्लीनिक, मानेसर व रेवाड़ी,
Share this:
All Postsकविता (112)मुक्तक (3)लेख (35)शेर (30)दोहे (5)कहानी (5)
हास्य :-वृतांत
पढ़े गारंटी है, हँसी बिल्कुल नहीं आएगी, ये तो बस views का चश्का है, वरन् किसे हँसने-हँसाने की पड़ी है, . *दुखी है सब, पर... Read more
शरहद और शहीद,
**सबकुछ शांत, दूर दूर तक सन्नाटा, आज फिर शहीद, हो गया, माँ भारती तेरा बेटा, . माँग उजड़ी, एक ओर बच्चा हुआ यतीम, होता नहीं... Read more
शेर भी दोहे भी,
Dr Mahender शेर Oct 25, 2017
**मुझे न भड़काओ यारों, मैं धधकती हुई ज्वाला हूँ, हाथ सेकने को नहीं, हीरा बनाती हूँ रुपांतरण मेरी भाषा, . भीड़ तेरी शक्ल ना सुरत,... Read more
शेर..
Dr Mahender शेर Oct 14, 2017
किन किन से उलझिएगा, तुम्हारे जैसे सिर्फ तुम ही हो, एक अकेले उसकी विशिष्ट कृति, गौर फरमाईयेगा, या फिर जिंदगी भर कष्ट पाईयेगा, जो जी... Read more
बिल्कुल भी ना डरे,
निजता प्रस्तुत करे, बिल्कुल भी ना डरे, सभी काम सोच-समझ कर करें, . कोई जिक्र करे, कोई फिक्र करे, कोई तन्हाई से डरे, कोई खो... Read more
जैसी चाहत वैसे फल
**हम यूँ ही शरमाते रहे, लोगों को अपना समझकर, लोगों ने अपनाया ही नहीं, अपनी दशा ..सुना डाली, पशु-पक्षियों के नाम से सजी गालियां दे... Read more
**ध्येय क्या बनाएँ संतुष्टि साधन है , घर क्या माँगे, आसमां छत जैसी, आशियाना क्यों मांगे, संपूर्ण धरा माँ जैसी है, ऐसी सोच ने बेईमान... Read more
शायरी--
Dr Mahender शेर Oct 6, 2017
शेर-शायरी:- जीवन-नृत्य,आभास और लेखन, गर जिंदगी तुझे ..मुझसे प्यार नहीं, तो देखकर मुस्करा ..क्यों देती हो, हर पल जीना सिखाती हो, इतना ऐतबार मुझ पर... Read more
स्वतंत्र भावना से देखो-जीव के निज-धर्म,
पाखंड को विराम, निज-धर्म को सलाम, परोसा जाता है मांस और मदिरा-पान, आशा शाकाहारी रखते है, बातें हो रही भगवत दर्शन की, विज्ञापन कामुक होते... Read more
*
*"जिओ और जीने दो"* आखिर कब तक मातम मनाते रहोगे, गाड़ी चलाते हुए फ़ोन पर बातें कर कर, मौत के आग़ोश मे सोते ..सुलाते रहोगे,... Read more