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(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !

Hometown: महादेव क्लीनिक, मानेसर(हरियाणा)
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शेर धर्म और आस्था,
धर्म की कहानियां, असंतुष्ट लोगों ने लिखी हैं, संतुष्ट लोग तो, इसमें रोजगार खोजने में लगे है, . धर्म का मार्ग तो, खुद ही आस्था... Read more
बोध कैसे जगे !
मैं बोलता हूँ....! लोग भड़क जाते हे ! शताब्दियों से सोए है ! जागरण का नाम नहीं ! पाखंड है मृत कपि-ललाट, विश्वास नहीं होता,... Read more
शेर..यथार्थ का बोध*
***स्वीकार किया है हमने, उसका नाम ताकि थोप सके, अपनी बुराई उसके नाम, खुद जिम्मेदारी लेने में बड़े झंझट है, . चिंतन है मानव की... Read more
कुछ शेर
*जो अपने हकों की रक्षा करना सिख लेते है, उनका कभी ...पतन नहीं होता, उन्हें कोई गुलाम नहीं बना सकता, . कुछ लोग कमाते इसलिये... Read more