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डॉ. हरिमोहन गुप्त को मैंने निकट से देखा है l 81 वर्ष की आयु में भी उनमें युवा शक्ति है l अभी भी चार घंटे प्रतिदिन मरीजों को देते हैं और शेष समय साहित्य साधना में l ये जिला जालौन के प्रसिद्द डाक्टरों में गिने जाते हैं l आप मृदु भाषी और नम्र स्वाभाव के हैं l आपने अब तक लगभग 13 पुस्तकें लिखी हैं l जिसमें “साध्वी सीता” महाकाव्य प्रकाशित है और नई क़लम में अपना स्थान रखती है l 6 खण्ड काव्य भी प्रकाशित है

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All Postsकविता (7)मुक्तक (14)गीत (7)दोहे (1)
कर्म प्रधान मानते जग में, वे रहते सानन्द l
कर्म प्रधान मानते जग में, वे रहते सानन्द सिद्धि साधना में रत जो हैं, पाते परमानन्द l जागो,उठो,बढो तुम आगे, तुम्हें लक्ष्य तक जाना, सत्य... Read more
आया है नया वर्ष
आया है नया वर्ष, करते हम अभिनन्दन, हम से जो अग्रज हैं, उनका करते वन्दन। छोटों को शुभाशीष, मंगलमय हो जीवन। प्रेम सदा फूले बस,... Read more
कवि धर्म
गांधी विश्वामित्र बन, माँग लिया मोती से लाल, सुख धन,वैभव छोड़ राष्ट्रहित आय जवाहर लाल l सत्य अहिंसा का आश्रय ले, पंचशील के अनुयायी, भारत... Read more
कवि धर्म
सत्साहित्य सदा कवि लिखता, चाटुकारिता नहीं धर्म है, वह उपदेशक है समाज का, सच में उसका यही कर्म है l परिवर्तन लाना समाज में, स्वाभाविक... Read more
संकल्प
नेताओं के चरण वन्दना, या अभिनन्दन, उसका यह परिणाम,आज जनजन में क्रन्दन l कुछ तो त्याग हमें बढ़ करके करना होगा, ले लें हम संकल्प,... Read more
योग
योग ऐश औ आराम से जीवन कटे, यह भोग है, असंतुलित भोजन करें परिणाम इसका रोग है l परमात्मा से मन सहज हम जोड़ कर... Read more
साहित्य
जग प्रकाशित है सदा आदित्य से, हम प्रगति करते सदा सानिध्य से, कोई माने, या न माने सत्य है, देश जाग्रत है सदा साहित्य से... Read more
सागर ने पूँछा
सागर ने पूँछा- सागर ने पूंछा सरिता से, मुझे बताओ, सब मुझमें सर्वस्व समाहित है समझाओ. यह अमूल्य उपहार तुम्हीं से तो पाये हैं, लौह,... Read more
कैद में है रोशनी
प्रतिकूल हो सोची परिस्थिति, विपरीत सभी आपात आज नही तो कल बदलेंगे द्दणता से हालात। चारों तरफ फैला अॅधेरा, कैद में है रोशनी, चन्द्रमा पर... Read more