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*काव्य-माँ शारदेय का वरदान *

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All Postsकविता (7)गज़ल/गीतिका (23)मुक्तक (44)गीत (4)दोहे (2)
"आँसू" ******* (1) दर्द से रिश्ता बनाना आ गया ! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: आँख में आँसू छिपाना आ गया ! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: नफरतों को आज सारी भूल कर... Read more
*वफा का चलन*
चरागे-मुहब्बत बुझाना नहीं। हमें याद रखना भुलाना नहीं!! ************************* अगर या मगर से किनारा करो! बहाने कभी तुम बनाना नहीं!! ************************* भले घूम लेना ज़माने... Read more
*ज़बान*
ज़बान का जो खरा नहीं है! यकीन उसपे ज़रा नहीं है!! :::::::::::::::::::: लगे असंभव उसे हराना! वो आंधियों से डरा नहीं है!! :::::::::::::::::::: समझ सके... Read more
*दरिया,दोस्ती,तिश्नगी़,खुशी,समंदर,मौजिज़ा,आइना, ज़िंदगी*
सुहानी ज़िदगी को तुम कभी दुश्वार मत करना ! न हो मालूम गहराई तो' दरिया पार मत करना ! मुसाफ़िर हौंसला रखना हमेशा ही ज़माने... Read more
*देशप्रेम*
फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन 2122 2122 212 इस वतन से प्यार करना सीखिए ! ये चमन गुलज़ार करना सीखिए ! पाक की नापाक हरकत देखकर, हौंसले... Read more
*वक्त बदलेगा हमारा देखना*
*वक्त बदलेगा हमारा देखना* वक्त बदलेगा हमारा देखना ! शान से होगा गुज़ारा देखना !! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: गरदिशों के काफ़िले को रौंदकर ! ज़िंदगी देगी सहारा... Read more
*हर खुशी माँग ली*
हर खुशी माँग ली दोस्तों के लिये! खैर-मकदम किया दुश्मनों के लिये!! :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: प्यार से हैं सभी काम बनते यहाँ! ज़िंदगानी नहीँ नफ़रतों के लिये!!... Read more
*गर्दिशों के दौर में भी मुस्कुराना चाहिये*
वज़्न - 2122 2122 2122 212 अर्कान - फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन बह्र - बह्रे रमल मुसम्मन महज़ूफ़ क़ाफ़िया - बुझाना ( आना) रदीफ़ -... Read more
*होली*
समां रंगीन होली का बड़ा दिलकश नज़ारा है ज़माने भर की' खुशियों का निराला सा पिटारा है बड़े छोटे यहाँ सारे सभी हुड़दंग में डूबे... Read more
*बेटियाँ*
ईश्वर का उपहार बेटियाँ वीणा की झनकार बेटियाँ ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: सारी धरा सुनहरी लगती अम्बर का श्रृगांर बेटियाँ ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: आगे हरदम जाती बढ़ती खुशियों की बौछार... Read more
*हमेशा*
*हमेशा* 122 122 122 122 फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मुहब्बत सभी से करे जो हमेशा! नज़र में खुदा की रहे वो हमेशा!! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: गमों... Read more
*जुबां*
1222 1222 1222 1222 सदा बोलो सँभलकर ही जुबां तलवार होती है! नज़ाकत से रखो इसको ये' तीखी धार होती है !! :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: निराली हर... Read more
*अश्क*
अश्क आँखों में दबाना सीख ले दर्द में भी मुस्कुराना सीख ले प्रीत के ही गीत तू गाये सदा वैर को दिल से भुलाना सीख... Read more
*शिक्षा*
शिक्षा से फैले उजियारा मिट जाता सारा अँधियारा तिजारत ये पर आज बनी नैतिकता से किया किनारा निर्धन के बच्चों की खातिर बँद हुआ है... Read more
विमौहा छंद
छंद- विमोहा मापनी- 212 212 (गालगा गालगा) आप जो मिल गये फूल हैं खिल गये मन सुवासित हुआ दीप से जल गये *धर्मेन्द्र अरोड़ा*
*झील*
झील, नदी,झरने,तालाब ईश्वर का उपहार है मानव क्यों ये' भूल गया अब इनसे ही संसार है इनके बिन सब कुछ रीता अंतस में है पीर... Read more
*जिन्दगी*
ईश्वर का उपहार जिन्दगी एक निराला प्यार जिन्दगी साहस और लगन मत छोड़ो इन का है शृंगार जिन्दगी हरदम खुशबू तुम बिखराओ है फूलों का... Read more
*रहमत*
छाया है इक समां सुहाना  आया लब पर एक तराना  हँसवाहिनी की रहमत से  पाया है अनमोल खज़ाना *धर्मेन्द्र अरोड़ा*
*बचपन*
खुशियों का खजाना बचपन हर ग़म से अंजाना बचपन कोशिश कोई लाख करे पर लौट कभी न आना बचपन *धर्मेन्द्र अरोड़ा*
*दर्द*
आधार छंद =आनंदवर्धक मापनी =2122 2122 212 ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: दर्द में भी मुस्कुराना आ गया आँख में आँसू छिपाना आ गया ~~~~~~~~~~~~~~~~~ नफरतों को दिल 'से... Read more
*सच की आदत*
सच की आदत बहुत बुरी है कड़वी ये इक तेज छुरी है कलियुग में अपराध मगर नैतिकता की नेक धुरी है *धर्मेन्द्र अरोड़ा*