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*आपा-धापी*
दौलत की आपा-धापी में ईश्वर तो है भूल गया चहुंओर है झूठ का राज सच का पलड़ा झूल गया नैतिकता की सारी बातें सिर्फ किताबों... Read more
*जीवन*
उमंगों का त्यौहार है जीवन मधुरिम सा इक प्यार है जीवन जी भर इसको तुम जी लो ईश्वर का उपहार है जीवन *धर्मेन्द्र अरोड़ा*
*प्रेम रतन*
जग में कायम शान रखिए खुद से भी पहचान रखिए प्रेम रतन को बाँट - बाँट सबसे दुआ सलाम रखिए *धर्मेन्द्र अरोड़ा*
*विश्वास*
जब विश्वास अटल होता उजला हर इक पल होता हर मुश्किल बनती आसां ज़ीवन ये सफल होता *धर्मेंद्र अरोड़ा*
*रहमत*
सहरा भी गुलज़ार हैं होते दरिया ग़म के पार हैं होते खुदा की होती जब है रहमत उन्नति के आसार हैं होते *धर्मेन्द्र अरोड़ा*
*प्रेरक*
हर ग़म में जो मुस्काते हैं खुशियों के नगमे गाते हैं तोड़े मन के सारे बंधन इक नया सवेरा पाते हैं
*मन मयूर*
खुशियों का मौसम आया है सुखों का आलम छाया है मन मयूर ने चहक चहक कर इक मधुरिम राग सुनाया है *धर्मेन्द्र अरोड़ा*
*विरह वेदना*
नयन मेरे निहारें पथ सुहाने गीत गाओ तुम खिलें फिर फूल गुलशन में लगन ऐसी लगाओ तुम सजा कर चाँदनी दिल में गये जाने कहाँ... Read more
*दोस्ती*
दोस्ती का रिश्ता कभी पुराना नहीँ होता ख़त्म कभी भी ये अफ़साना नहीँ होता बड़ी पाकीज़गी है इसमें पाई, वरना आज हमारे लबों पर ये... Read more
*प्रेरक*
मायूस होके न यूँ साँझ की तरह ढलते रहिये भोर है ज़िंदगी सूरज की तरह निकलते रहिये पथ की सारी मुश्किलें हैं आसां बन जाती... Read more
मुक्तक
अम्बर को चूमे है बेटी ग़म में भी झूमे है बेटी घर के सूने से आँगन में बन पुरवा घूमे है बेटी
*हवा का झोंका*
मस्त हवा का झोंका आया लहराया फ़िर है बलखाया :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: वसुधा नाची झूम-झूम कर अम्बर ने भी गान सुनाया ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: महक उठा है मन का... Read more
*बेटी*
बेटी नहीं है कोई बोझ फिर क्यूँ कोख में मरे ये रोज? ईश्वर का वरदान है बेटी सकल गुणों की खान है बेटी मात-पिता की... Read more