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फूल की महक
DESH RAJ कविता Oct 15, 2017
फूल वो फूल नहीं जो अपनी महक दे न सके गुलशन को , चन्दन वो चन्दन नहीं जो शीतलता दे न सके उपवन को I... Read more
मेरे सनम
DESH RAJ कविता Aug 12, 2017
मेरे सनम, तेरी मोहब्बत ने मुझे एक आशिक बना दिया, तेरी एक नज़र ने मुझे जिंदगी जीने का रास्ता दिखा दिया I तेरे नैनो ने... Read more
शहीद की बहन और राखी
मेरे प्यारे भैय्या, आपने मेरी राखी की लाज निभाई , “माँ भारती” की सीमाओं की रक्षा करते जान गवांई I इस वर्ष आप नहीं लेकिन... Read more
अनोखी सीख
नफरत को नफरत से मिटाने की अनोखी सीख हमें दे रहे , “बारूद के शोलों” से घरों का अंधेरा मिटाने की सीख दे रहे I... Read more
मोरे सैंया
तरस रही तुम बिन मोरी अंखियाँ दरस दिखा जाओ सैंया , दर-2 भटकूँ , तेरी राह निहारूं ,दरस दिखा जाओ मोरे सैंया I नैन तुम्हारे... Read more
“ विश्वास की डोर ”
DESH RAJ कविता Mar 18, 2017
कठिन पथरीली राहों पर चलकर जीवन की मंजिल पा ही लेंगे , जमाना कुछ भी कहे, दिलों में मोहब्बत का “दिया” जला ही देंगे I... Read more
“  पगडंडी का बालक ”
DESH RAJ कविता Feb 18, 2017
गाँव की पगडंडी से गुजरते हुए एक बालक को हमने देखा, नन्हें हाथों में बस्ता, उसकी आँखों में आशा की किरणें देखा I उसके पेट... Read more
सच्चा  रिश्ता
रिश्तों को देखा मौसम के रंग की तरह बदलते हुए, मोतियों को देखा “प्यार की माला ”से बिखरते हुए , आदमी को देखा नफरत के... Read more
परदेश
एक दिन परदेश छोड़कर तुझे दूर अपने “देश ” है जाना , सखी, तू क्यों होती है उदास , तुझे “पिया” घर है जाना I... Read more
कश्मीर की तस्वीर
एक दिन सपने में देखा अपना प्यारा कश्मीर, “स्वर्ग से सुंदर ” धरा की उजड़ी हुई तस्वीर I आदमी को आदमी का लहू पीते देखा... Read more
तेरी सूरत
जहाँ भी देखता हूँ , इस “जहाँ” में तेरी सूरत नज़र आती है, तेरी सूरत में इस “ जहाँ ” की सारी खुशियाँ नज़र आती... Read more
जिंदगी  की  रेस
DESH RAJ कविता Jan 30, 2017
दूर तक बस केवल एक सन्नाटा नज़र आता है, सन्नाटे में आदमी को सिर्फ भागते हुए पाता हूँ I जिंदगी को रेस बनाकर हम कहाँ... Read more
खूबसूरत तस्वीर
DESH RAJ कविता Jan 27, 2017
दिल की हसरत है कि तुझसे मिलकर अपने प्यार का इजहार करूँ, हर एक दिन तेरी खूबसूरत तस्वीर को दिल से लगाकर दीदार करूँ I... Read more
बस एक ही भूख
DESH RAJ कविता Jan 26, 2017
जिंदगी की राह में चलते-चलते आज मायूस हो गए, माया की दुनिया में लक्ष्य से हटने पर मजबूर हो गए I कभी अरमान था कि... Read more