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किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--07(दौड़)
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--07(दौड़) दौड़-- बोल्या राजा वाणी ताजा दिया मुलाहजा परै हटा, हे... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर  अनुक्रमांक--07
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--07 वार्ता--स्वयंवर को अब सोलह दिन बीत जाते हैं लेकिन कोई... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर  अनुक्रमांक--06
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--06 वार्ता--द्रौपदी सभा में जब कर्ण का अपमान करती है और... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर  अनुक्रमांक--05
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--05 वार्ता--दुर्योधन के कहने से कर्ण सभा में आ जाता है... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर  अनुक्रमांक--04(ख)
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--04(ख) टेक--विष देदे विश्वास नहीं दे धोखा करणा बात बुरी सै।... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर  अनुक्रमांक--04(क)
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--04(क) टेक--दिलदार यार के मिले बिना पलभर ना चैन पड़ै।। १-सविता... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वंयवर  अनुक्रमांक--04(दौड़)
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वंयवर अनुक्रमांक--04(दौड़) दौड़-- वीर कर्ण तेरी लई शरण मैं लग्या डरण तूं... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वंयवर  अनुक्रमांक--04
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वंयवर अनुक्रमांक--04 वार्ता--जब राजा शल्य भी स्वंयवर की शर्त पूरी नहीं कर... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर  अनुक्रमांक--03
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--03 वार्ता: राजा शल्य द्रौपदी की सुन्दरता का वर्णन सभा में... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वंयवर  अनुक्रमांक--02
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वंयवर अनुक्रमांक--02 वार्ता: जब राजा द्रोपद अपमान-जनक शब्द सभी राजाओं को कह... Read more
किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर  अनुक्रमांक--01
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--द्रौपदी स्वयंवर अनुक्रमांक--01 वार्ता--पांचाल नरेश द्रुपद ने अपनी लड़की द्रोपदी की शादी करने... Read more
किस्सा--चन्द्रहास  अनुक्रम--23
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चन्द्रहास अनुक्रम--23 वार्ता--सखी सहेलियां और नगरी की औरतें शादी के गीत गाती हैं।... Read more
किस्सा--चन्द्रहास  अनुक्रम--22
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चन्द्रहास अनुक्रम--22 वार्ता--विषिया श्रृंगार करके महल के छज्जे पर खड़ी होती है,और चंद्रहास... Read more
कवि भगत व्यापारी भुखे भाव के होते
*गंधर्व लोक कवि श्री नंदलाल शर्मा जी की अनमोल रचना* संग्रहकर्ता---श्री राजकुमार शर्मा अटेला टेक- कवि भगत व्यापारी भुखे भाव के होते। दिल मुड़ते नहीं... Read more
किस्सा--चन्द्रहास  अनुक्रम--21
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चन्द्रहास Vol--21 टेक-दर्द ऐ दिल नैं सेकण दयो हे,जीजा का मुख देखण दयो... Read more
किस्सा--चंद्रहास   अनुक्रम--20
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--20 वार्ता--चंद्रहास चिट्ठी ले जाकर मदन कंवर को दे देता है,जब वह... Read more
किस्सा--चन्द्रहास  अनुक्रम--19
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चन्द्रहास अनुक्रम--19 वार्ता--विषिया महल की छत पर चढ़ कर चंद्रहास के आने का... Read more
किस्सा--चंद्रहास  अनुक्रम--18
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--18 वार्ता--जब चंद्रहास सो कर उठता है तो वह मदन कंवर से... Read more
किस्सा--चन्द्रहास  अनुक्रम--17
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चन्द्रहास अनुक्रम--17 वार्ता--सभी सखियां विषिया से चंद्रहास के बारे में पूछती हैं और... Read more
किस्सा--चंद्रहास  अनुक्रम--16
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--16 वार्ता--एक सखी जब चंद्रहास को सोया हुआ देख लेती है तो... Read more
किस्सा - - चंद्रहास   अनुक्रम--15
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा - - चंद्रहास अनुक्रम--15 वार्ता--विषिया और उसकी सखियां तैयार होकर बाग में... Read more
किस्सा -- चन्द्रहास   अनुक्रम--13
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा -- चन्द्रहास अनुक्रम--13 टेक -- कांच का बखोरा कोरा माट बाग के... Read more
किस्सा--चंद्रहास  अनुक्रम--14
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--14 वार्ता--चन्द्रहास बाग में विश्राम कर रहा था। उधर से विषिया अपनी... Read more
किस्सा--चंद्रहास  अनुक्रम--12
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--12 वार्ता--चंद्रहास कुंतलपुर पहुँच जाता है,वहाँ उसको एक बाग दिखाई देता है,वह... Read more
किस्सा--चंद्रहास  अनुक्रम--11
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--11 टेक--बख्त पङे बिन कहो माणस का के बेरा पाटै सै, दिल... Read more
भक्ति और तपस्या करणा आपा मारे हो सै
पं नंदलाल जी की एक बेहतरीन रचना.... टेक-भक्ति और तपस्या करणा आपा मारे हो सै, घर बसणे की रीत जगत मै सोच विचारे हो सै।... Read more
किस्सा--चंद्रहास  अनुक्रम--10
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--10 वार्ता-- लड़के की भगवान के प्रति श्रद्धा को देखकर जल्लादों का मन... Read more
किस्सा--चंद्रहास  क्रमांक--8
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास क्रमांक--8 वार्ता-- जब धृष्टबुद्धी दिवान लड़के को मरवाने के लिए जल्लाद भेज... Read more
किस्सा--चंद्रहास--अनुक्रम-7--दौड
किस्सा--चंद्रहास--अनुक्रम-7--दौड दौड़-- सुणो ऋषि या बात किसी मेरी प्रीत बसी मूर्ति के म्हां, बोल्या लड़का होग्या धड़का गड़बड़ का रह्या काम बण्या, मीठे मीठे बोल... Read more
किस्सा--चंद्रहास  अनुक्रम--7
***जय हो श्री कृष्ण भगवान की*** ***जय हो श्री नंदलाल जी की*** किस्सा--चंद्रहास अनुक्रम--7 टेक- धुरी टिकाणी टूट गई यो पड़्या लीक मै ठेला रहग्या,... Read more