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उठे जो भाव अंतस में समझने की कोशिश करता हूँ...
लिखता हूँ कही मन की पर औरों की भी सुनता हूँ.....

All Postsकविता (16)गज़ल/गीतिका (5)मुक्तक (3)
प्रेम मोल....
II छंद - उल्लाला II कान्हा नयन बह रहे, सुदामा चरण धुल रहे I निर्मल छवि ये देख के,सब लोक धन्य हो रहे II प्रेम... Read more
CM Sharma कविता Sep 16, 2017
II जापानी विधा "चौका" II मन का भ्रम संबंधों में दरार दंब प्रहार छिन्न भिन्न संसार फैसला हुआ अपने पराये का तेरा ओ मेरा खून... Read more
त्रिवेणी...
(१) रुको, देखो, चलो... जीवन तुम्हारा है.. अपनों को बेसहारा न करो. (२) धर्म, जात, ताज... कोई कीमत नहीं तुम बिन.. इंसान हो तुम !... Read more
कवि महोदय.....
पढ़ पढ़ के कविताएं हमपे भी कवि बनने का जूनून सवार हो गया.... हम इस से भी बढ़िया लिख सकते हैं दिमाग पे यह भूत... Read more
मिलने का टाइम....
एक हसीना ने थप्पड़ रसीद कर दिया जब... पुछा जो दोस्त से के क्या हुआ ये सब..... गाल पे थप्पड़ पाँचों उँगलियों के हैं निशाँ....... Read more
तमाशा…..
तालियों की गड़गड़ाहट हो रही थी… सब खड़े हो के ताली बजा रहे थे… जैसे दुनिया में तमाशा… चपल उँगलियों में नाचती… कठपुतलियों का पहली... Read more
छन्न पकैया ......
छन्न पकैया छन्न पकैया, बसंत राजा आये... बगिया में फूल खिले हैं, भँवरे भी मंडराएं... छन्न पकैया छन्न पकैया,अपनी दिल की बोली.. नासमझा कूंएं में... Read more
गधों का मता.....
CM Sharma कविता Feb 28, 2017
यह राजनीति भी कैसी राजनीति है.... बिना सर पैर सरपट भागती है.... मुद्दे सब पीछे छूट जाते हैं... जनता भौचक्की ताकती रह जाती है.... इलेक्शन... Read more
सबसे बड़े दानी....
सितारे उसकी मांग में आ सजे थे सारे... नूरे माहताब की बलाएं ले रही थी बहारें... खनकती कलाइयों के जो हार गले आ लगे... दिल... Read more
मुर्दे की पहचान….
ज़िंदा रहा होगा इंसान कभी… जिसकी लाश काँधे पे उठा शमशान जा रहे थे सभी… घर वाले…रिश्तेदार…दोस्त…साथ थे सभी…. उनमें से किसी के साथ… मरने... Read more
अभिनय.......
CM Sharma कविता Jan 31, 2017
बचपन में परियों की कहानी सुनते थे... जब भी बच्चे को सुलाते थे... बोलते थे की सो जा .... सपने में परी देश से परी... Read more
वंदे मातरम ....
हो हरियाली,शान्ति,खुशहाली का संगम हर ओर… हर मन नाचे, झूमें, गाये हो भाव विभोर.. जन,गन,मन की लय पे बच्चा,बूढा और किशोर.. वंदे मातरम से ध्वनित... Read more
भोर की किरण......
बीत गया जो उसे बीत जाने दे.... दिल दुखाये जो बात उसे भूल जाने दे.... नफरत हटा प्यार को बिखरने दे ज़रा... फिर दिल से... Read more
तस्वीर….
CM Sharma कविता Jan 23, 2017
तस्वीर बनायी है इक मैंने... कुछ आढी तिरछी रेखाओं से... उलझी सी ज़ुल्फें उसकी... सुलझाने की कोशिश में... हाथ बढ़ाया मैंने... की रंग से भरने... Read more
दर्द....
CM Sharma कविता Jan 17, 2017
मैं सरिता कल कल करती...मेरी पीड न जाने कोई... जो भी आता मैल ही धोता...बिन पूछे मुझे हर कोई ! समय के साथ बहती मैं... Read more