Skip to content

मैं ब्रजेश शर्मा झाँसी से ,
रेलवे में टिकिट चेकिंग में बतौर उप मुख्य टिकिट निरीक्षक पदस्थ हूँ ।। मन के भाव शब्दों में उतारने का प्रयास करता हूँ ,ज़िंदगी अपने हर रूप में हर रंग में लुभाती है क्योंकि घनघोर आशा वादी हूँ।
जीने का फ़लसफ़ा थोड़ा जुदा सा है ।।
देखता हूँ मैं ज़र्रे ज़र्रे में ख़ुदा,
मेरा बाग़बान ए अज़ल पत्थरों तक महदूद नही ।।
@विफल

All Postsगीत (1)