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उत्कर्ष
खेल खेल में हंसते-गाते ज्ञान के दीप जलाएंगे उत्कर्ष हमारा नाम है​ हम देश का मान बढ़ाएंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना हम साकार करेंगे नाश... Read more
माँ
आंचल तुम्हारा दरख्तों की छाया है माँ, हर धूप से टकराना तुमने सिखाया है माँ, तुम बेशक कहीं दूर सितारों में रहने लगी, मेरे सर... Read more
"बेटी" मन लगाकर पढ़ती हूं , और शान से जीती हूं ! मैं तो अपने पापा जी की अच्छी वाली बेटी हूं !! भ्रूण हत्या... Read more
हम
हमारे जैसा ही होना चाहकर भी, जब हो नही पाते हैं । हमारे काम करने के अन्दाज़ से वो लोग जल जाते हैं ! हम... Read more
नया साल दहलीज पे,खङा रहा है बोल। सूरज बांटे रोशनी,चित के पट को खोल।। चित के पट को खोल,अन्धेरे डर कर भागेंगे। सोये हुये हैं... Read more
अच्छी बेटी
सभी बेटियों को समर्पित ! मन लगाकर पढ़ती हूं , और शान से जीती हूं ! मैं तो अपने पापा जी की अच्छी वाली बेटी... Read more
गर्दन उठा कर , शान से जीना सिखा दिया ! करता हूं नमन भगवान्; मुझे ऐसा पिता दिया! नारी का सम्मान,गरीबों-खातिर लड़ने का गुण, अपने... Read more
हमारी जिंदगी में हर रोज करवा-चौथ आती है! मै जब तक खा नहीं लेता,निवाला तू ना खाती है! मेरे घर की तू रौनक है,मेरी माँ... Read more