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जन्मस्थान - सिक्किम
फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल )
दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं।
(तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)

All Postsकविता (2)गज़ल/गीतिका (49)
ख़्वाब आँखों में सजाना चाहिए
ख्वाब आँखों में सजाना चाहिए हसरतों को पर लगाना चाहिए रास मुझकोे आएं कैसे ये खुशी ज़ख़्म कोई फिर पुराना चाहिए दर्द दिल में तो... Read more
उनके बगैर जिंदगी सचमुच मुहाल है
शामो सहर उन्हीं का फक़त अब ख्याल है उनके बग़ैर जिंदगी सचमुच मुहाल है दिन हो गए पहाड़ से रातें हैं खौफ़नाक़ कैसे बिताएं वक़्त... Read more
उड़ा दूं न नींदे असर देख लेना
मिरा प्यार तू हमसफ़र देख लेना उड़ा दूं न नींदे असर देख लेना ये इश्क-ए-मुहब्बत बला की डगर है लपेटे में लेगी भँवर देख लेना... Read more
आज तनहाई में जब अश्क बहाने निकले
■■■■■【 ग़ज़ल 】■■■■ आज तन्हाई में जब अश्क़ बहाने निकले तब छुपे दर्द कई और पुराने निकले नैट के प्यार को संजीदा समझकर पागल होंगे... Read more
बात मेरी सनम कुछ सुना कीजिये
बात मेरी सनम कुछ सुना कीजिये दिल में कोई न शिकवा रखा कीजिये कृष्ण राधा की गाथा सुना कीजिये ध्यान में उनको अपने रखा कीजिये... Read more
बात बेबात ही ललकार की बातें करना
बात बेबात ही ललकार की बातें करना क्यों तुझे भाये है तलवार की बातें करना उनको भाता नहीं परिवार की बातें करना मुझको आता नहीं... Read more
गर मर्ज़ है कोई तो दिखा क्यों नहीं लेते
गर मर्ज़ है कोई तो दिखा क्यों नहीं देते माक़ूल हक़ीमो से दवा क्यों नहीं लेते तुम दिल में छुपी बात बता क्यों नहीं देते... Read more
बुलंदीआसमानों की सितारा भी मुबारक हो
बुलंदी आसमानों की सितारा भी मुबारक हो तिरा आया जन्मदिन है जहां सारा मुबारक हो पूरे अरमान हो तेरे मिला मौका मुबारक हो तिरी मंजिल... Read more
जन्म जन्म से तुम्हारा है इंतज़ार मुझे
जनम-जनम से तुम्हारा है इंतज़ार मुझे चले भी आओ कराओ जरा दीदार मुझे उजड़ गया है मेरे इश्क़ का चमन लोगो ! मन मुआफ़िक़ नहीं... Read more
जख्म दिल का भला कैसे छिपाया होगा
जख्म दिल का भला कैसे छिपाया होगा उभरकर सामने ही दर्द जब आया होगा दास्तां बेवफ़ाई की सुन उस सितमगर की अपना टूटा हुआ दिल... Read more