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विविधता
अलग-अलग उदधि-लहरें,लगतीं हैं पर यार, हिल-मिल सब संग रहतीं,अलग नहीं है यार, विविध-विविध सा बहुत है,रंग,धर्म अरु जात, विविध-विविध गुलों से ही,शान बाग़ की यार।।
फुटाने
आठ से दस वर्षीय तीन बालक एक किराना दुकान पहुंचे।दूकानदार वृद्ध था। " क्या लेना है ? " " दो रूपये के फुटाने ।" दूकानदार... Read more
मिलन
मेघराज की बदरी रानी, मेघ-पिया ढूंढत पगलाय। ढूंढ-ढूंढ खुद आप हिरानी, मेघ-सजन कित गये हिराय। श्रम-जल भीगी सारी सारी, सारी तन से लिपटी जाय ।... Read more
परिचय
परिचय ख़ुद से कर मना,मिले ख़ुदी का भान । उससे नित हो सामना ,रमे उसी में ध्यान । रमे उसी में ध्यान,होय अजपा- जप अरचय।... Read more
माँ भारती
माँ भारती की शान में, ग़ुस्ताख़ियाँ होने न दें। ग़ुस्ताख़ की ग़ुस्ताख़ियों, की माफ़ियाँ होने न दें।। हिंदुस्ताँ को तोड़ने की, भी साजिशें हो रहीं,... Read more
बेटियाँ
बेटियाँ ठुमकत अँगना,तुतले- तुतले बोल, छम-छम पैंजन की छमक,छिन कितने अनमोल।१। जग में तीरथ बेटियाँ,तारत दो परिवार, है पहिला तो मायरा,दूजा है ससुरार।२। मनोयोग से... Read more
बेटियाँ
बेटियाँ ठुमकत अँगना,तुतले-तुतले बोल, छम-छम पायल की छमक,छिन कितने अनमोल।१। जग में तीरथ बेटियाँ,तारत दो परिवार, है पहिला तो मायरा,दूजा है ससुरार।२। मनोयोग से बेटियाँ,सम्हाले... Read more
नववर्ष २०१७
सलाम करते हम सभी, तुझको ओ नववर्ष। सतरह तेरे राज्य में, सबका हो उतकर्ष। सबका हो उतकर्ष , न हो कोई भी ग़ुलाम। यूँ ना... Read more
कलियुग-दंश
हे श्याम तुम्हारे राज्य में, कंस ऐंठते मूंछ। सुनें सिंहश्री गीदड़-भभकी, रहें दबाए पूंछ। सज्जन दुर्जन के घर जाके, रोज़ दबाएँ पैर। कूकुर साहब को... Read more
पैसा
पैसे से ही जगत में, आन बान और शान। पैसे की ही जुगत में, फिरता है इंसान । फिरता है इंसान , बना यह काशी... Read more
षडपदी
बढ़ती जाय घड़ी की सुइयाँ, पल छिन घटत उमरिया हाय। तौ भी ऐश की फिक्र सतावे, मुफत का माल कब मिल जाय। दाँत बचे नहि... Read more
क़तअ
दर्द दिल का बढ़ा अब दवा दीजिए, अपने दामन की थोड़ी हवा दीजिए , मर्ज बढ़ता ही जाता है रफ्ता रफ्ता , अब दवा की... Read more
मशविरा
दुनिया में सब कुछ पाने की, ख़्वाहिशें जारी रखो, ज़मीं क्या है फलक छूने की, कोशिशें जारी रखो, दम लेना पहुँच कर अवधूत, चाही मंज़िल... Read more
देशगान
हर दिन उठाएँ ये क़सम, भारत के दिलो जान हम। यह दिलो जान से प्यारा, इसके तो दिलो जान हम।। ये महकता गुलशन रहा, महकता... Read more
गुलाब
अश्को से सींचोगे दहकेंगे , यादों के गुलाब। यादों से सींचोगे महकेंगे , वादों के गुलाब।
समय
समय बदलते देर न लगती, क्यों खोवे है आस ? नव प्रभात फिर से आवेगा, रख रे ऐसी आस । जब झेलेगा सिर पर अपने,... Read more
गुण त्रय
हैं रंगत जग जीव सब, सत रज तम गुण तीन, ईष्टमन-गेवा--टेक्नी--, क्या है अदभुत सीन । क्या है अदभुत सीन , रोज़ ही खिलती होली।... Read more
ग़मो ख़ुशी
रहती नहीं मिठास,ज़ुबाँ पर देर तक, रहती मुई खटास,ज़ुबाँ पर देर तक, ग़मोख़ुशी का मेल,जो काश हो जाता, रहती ग़मोख़ुशियाँ,ज़ुबाँ पर देर तक ।
कृष्ण की मुरली
मधुबन बजत मुरलि मधुर, सुनि सुनि सुधि बिसारी है। बजाय पुनि पुनि मधुर धुन, स्व वश करत मुरारी है। गृह तजि तजि धाय मोहन, मुरलिधर... Read more
मासूम क़ातिल
क़ातिल कभी मासूम नहीं होता है, मासूम कभी क़ातिल नहीं होता है, मासूम कहीं हो जाए बिसमिल अगर, बिसमिल ख़ूनी,क़ातिल नहीं होता है।
जीवन के धन
जर जोरू और ज़मीन, जीवन के धन तीन, जिनको ये हासिल नहीं, जीवन उनका हीन। जीवन उनका हीन, चलाते चक्कर भारी। रह जाएं ना दीन,... Read more
ज़िन्दगी
ज़िन्दगी बेवजह हो तो इल्जाम होती है, ज़िन्दगी बावजह हो तो इनाम होती है, जो बना रहे हैं ज़िन्दगी दोजख अवधूत, वो ज़िन्दगी बिलावजह बदनाम... Read more
ज़िंदगी
ज़िंदगी के इतने सवाल क्यों हैं ? ज़िंदगी में इतने बवाल क्यों हैं ? तक़ाज़े तक़ाज़े और तक़ाज़े, इनमें यूँ इतने उछाल क्यों हैं? हैं... Read more
पति जैसे जीव का भैया, इस जग में कोई दूसरा सानी नहीं है। पत्नियों ने इसे आज तक, अनदेखा किया हक़ीक़तें मानी नहीं है। खड़ा... Read more
मशविरा
खाने के मुआमलात में, ज़ुबान काबू रखना। कहने के मुआमलात में, ज़ुबान थामे रखना। बड़ी बेबाक है अवधूत, फिसलती यकायक। बेबाकी करे मनमानी, लगाम बाजू... Read more
जज्बा ए मर्दां
मुक्तक,,, तुम्हारा इक इक बोल क़तरा है , शहद का। तुम्हारा इक इक बोल मिसरा है, अहद का। मंज़िल करेगी ख़ैरमक़दम देखना, अवधूत,। तुम्हारा इक... Read more
दोस्त
मुक्तक अपनापन भरपूर दे,सनेह से दे सींच। दिलदारी भरपूर हो,कठिनाई के बीच। उलाहना ना दे कभी,हरे यार का दर्द। मिले तो आतुरता से,बहियों में ले... Read more