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एक से हम हो गए
ashok ashq गज़ल/गीतिका Apr 28, 2017
बाँहो में तेरे मचल कर एक से हम हो गए ख्वाब में तेरे उतरकर एक से हम हो गए हसरतें मुझमे बहुत है बस तुझे... Read more
अलग पहचान रखते हैं
ashok ashq गज़ल/गीतिका Apr 18, 2017
दिवाने हैं हथेली पर हमेशा जान रखते हैं उबलते दर्द सीने में मगर मुस्कान रखते हैं उजाला बाँटते सबको मोहब्बत ही सिखाते हैं भले अपना... Read more
रहे फासले से
ashok ashq मुक्तक Apr 7, 2017
रहे फासले से मिटी दूरियाँ ना बँधी इश्क़ की पाक वो डोरियाँ ना मयस्सर नही पायलों की ये छमछम झरोखे में दिल के बजी चूड़ियाँ... Read more
निशाने पर हवा के
ashok ashq गज़ल/गीतिका Apr 4, 2017
निशाने पर हवा के है मुहब्बत मेरी बचाएगी इसे कब तक इबादत मेरी उठा तूफां जहाने इश्क में ये कैसा सलामत रह रहेगी अब न... Read more
मुझे फिर सताने
ashok ashq मुक्तक Mar 24, 2017
मुझे कर इशारे लुभाने लगे है निगाहों से अपने बुलाने लगे हैं बहाने बना कर मुझे फिर सताने सजन जी मेरे पास आने लगे हैं... Read more
फासला भी हुआ है
ashok ashq गज़ल/गीतिका Mar 20, 2017
अदावत हुई फासला भी हुआ है वफ़ा का अभी सिलसिला चल रहा है कहें हाल कैसे खुदाया बता दे मुहब्बत यहाँ कब मुकम्मल हुआ है... Read more
अभी बाकी निशाँ तेरा
ashok ashq मुक्तक Jun 11, 2016
अभी बाक़ी निशां तेरा हमारे दिल पे है हमदम बसी हो धड़कनों में तुम कि जैसे बादल में शबनम अदावत लाख करलो तुम मगर तुमको... Read more