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मेरा जन्म फर्रुखाबाद के कमालगंज ब्लॉक के ग्राम कंझाना में एक साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ,मैंने वनस्पति विज्ञानं में एमएससी,ऍम.ए. समाजशाह्स्त्र एवं एडवरटाइजिंग पब्लिक रिलेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया,व जन स्वास्थ्य में,परास्नातक डिप्लोमा किया, विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशन एवं अभिव्यंजना साहित्यिक संस्था की आजीवन सदस्य्ता आपके सहयोग एवं सुझाव का आकांक्षी !
अनुराग दीक्षित

Hometown: Farrukhabad
All Postsकविता (57)मुक्तक (1)गीत (6)दोहे (1)कहानी (1)
समय का चक्र पूर्ण गतिमान उद्यमी को उद्यम संधान ! ****
समय का चक्र पूर्ण गतिमान, उद्यमी को उद्यम संधान। **** किसी को दो पल काम तमाम किसी की खाली उम्र तमाम कोई रो देखे किस्मत... Read more
खुशी से मस्त समीरन गाए , गाए के लोरी तुझे सुनाए ******
खुशी से मस्त समीरन गाए गाए के लोरी तुझे सुनाए **** मेरी प्यारी मुन्नी सो जाये पापा गुड्डा लेकर आये, साथ में खूब खिलौने लाए... Read more
आदमी खुद को ही छलने लगा है, हवाओं में ज़हर घुलने लगा है।
आदमी खुद को ही छलने लगा है, हवाओं में ज़हर घुलने लगा है।*** पहुँचना चाँद तारों तक मुबारक बात है, कलेजा भूमि का फटने लगा... Read more
पद्मिनी मातृ शक्ति सम्मान, अप्रतिम जौहर की प्रतिमान !************
पद्मिनी मातृ शक्ति सम्मान, अप्रतिम जौहर की प्रतिमान !************ पा सका जिसे न जीवित म्लेच्छ वीरता का वो गौरव गान, बिगाड़ोगे गर उनका रूप तुम्हारी... Read more
तस्वीर तेरी नैनन में बसी, वो श्यामल बदन वो मोहक हँसी।
तस्वीर तेरी नैनन में बसी, वो श्यामल बदन वो मोहक हँसी। जिन्दगी बिन तुम्हारे अधूरी लगे आस हर पल मिलन की रही है लगी, दिन... Read more
साहित्य हित साधन बने,  हित  साध्य हो सबको अहो!***
साहित्य हित साधन बने, हित साध्य हो सबको अहो!*** इतिहास का हो आइना, सद्वृत्ति का सतपथ कहो ! जनगण को हो ये सीख, नित शिक्षा... Read more
मनुज तू क्यों इतना मगरूर  मोह-मद मादकता में चूर।  *******************
मनुज तू क्यों इतना मगरूर मोह-मद मादकता में चूर। ************** स्वप्नवत जीवन का अध्याय, जतन कर कुछ तो करे उपाय धन्य ये मानवता हो जाय,... Read more
पग-पग पर है प्रबल परीक्षा आगे बढ़ते जाना है ! *************************
पग-पग पर है प्रबल परीक्षा आगे बढ़ते जाना है ! ************************* धैर्य शील संयम अनुशासन, को पाथेय बनाना है चार कदम पर मंजिल ठहरी, मंजिल... Read more
कंडेक्टर बाबू टिकसै बनावत नाहीं ! ***************
कंडेक्टर बाबू टिकसै बनावत नाहीं ! *********************** इयें-उएँ तुम ताकौ- झांकौ, नीकी सवारी पास मैं टांकौ नेकौ मन सकुचावत नाहीं कंडेक्टर बाबू टिकसै बनावत नाहीं... Read more
साथी गर तू साथ निभाए नामुमकिन मुमकिन हो जाये !*******************
साथी गर तू साथ निभाए नामुमकिन मुमकिन हो जाये !*************************** माना है दो पग की दूरी, पग भर में ही कर लें पूरी तेरा मेरा... Read more
जीवन रंग-बिरंगा मेला, साथी संगी सब दो पल के, जाना जीव अकेला  ! *****************
जीवन रंग-बिरंगा मेला, साथी संगी सब दो पल के, जाना जीव अकेला ! ****************** जान बूझ कर बना नासमझ खेले जीवन खेला एक-एक कर आगे... Read more
ज़िंदगी चार पल को न ठहरी कभी, रेत सी हर घड़ी ये फिसलती रही !*********************
ज़िंदगी चार पल को न ठहरी कभी, रेत सी हर घड़ी ये फिसलती रही !******************************* जब अकेले में दो पल को बैठा कभी, याद मांझी... Read more
ये कौन खता करवाता है,कैसे होती है मनमानी, अब कितनी होंगी क़ुरबानी ! *******************
ये कौन खता करवाता है,कैसे होती है मनमानी, अब कितनी होंगी क़ुरबानी ! ************************* कितनी माँओं की गोद शून्य, कितने श्रृंगार हैं बेमानी है बिलख... Read more
करोगी तुम सोलह श्रृंगार, निहारोगी दर्पण हर बार !**************
करोगी तुम सोलह श्रृंगार, निहारोगी दर्पण हर बार !******************* रूप यौवन अनुपम अभिराम बसन छीने छवि कोटिक काम नयन तकते न थकें अविराम प्रकृति का... Read more
उजाला गर नहीं होगा, अँधेरा कौन रोकेगा ! *******
उजाला गर नहीं होगा, अँधेरा कौन रोकेगा ! **************** करें कोशिश सभी मिलकर की हर घर में दिवाली हो, निबाला गर नहीं होगा तमाशा कौन... Read more
मनुज में है असीम सामर्थ्य, समझ लो लगे लोक हित अर्थ !************************
सामर्थ्य / क्षमता मनुज में है असीम सामर्थ्य, समझ लो लगे लोक हित अर्थ !************************ लक्ष्य बिन शक्ति रहे निरुपाय विचरते जीव अधम असहाय, शक्ति... Read more
तुम्हारी ये मोहक मुस्कान, विकल कर जाती जीवन प्रान ! ******************
मुस्कान तुम्हारी ये मोहक मुस्कान, विकल कर जाती जीवन प्रान ! ****************** अरे मृदु मधुर तुम्हारे वैन दिखें चंचलतम दोनों नैन किये नित व्यथित हमें... Read more
धैर्य गुण सबसे प्रबल प्रधान, मनुज को ये रहस्य वरदान !
धैर्य धैर्य गुण सबसे प्रबल प्रधान, मनुज को ये रहस्य वरदान !****************************** परीक्षा का ये स्वयं सन्देश मधुर फल मिलते जहाँ विशेष, गुणीजन रखते हैं... Read more
शब्द नाद हैं शब्द ब्रह्म हैं, शब्द गीत स्वर धारा हैं !
शब्द नाद हैं शब्द ब्रह्म हैं, शब्द गीत स्वर धारा हैं ! शब्द आदि हैं, शब्द अंत हैं, शब्द कथा महिमा अनंत है विनय प्रीत... Read more
शब्द होते हैं अति अनमोल, इन्हें तू सोच समझ कर बोल !
शब्द होते हैं अति अनमोल, इन्हें तू सोच समझ कर बोल ! शब्द हैं नाद ब्रह्म का रूप, रचाते सुन्दर गीत अनूप, प्रथमतः मन में... Read more
मेरा हो हर अरमान तुम्हीं !
मेरा हो हर अरमान तुम्हीं ! तुम्हीं हो दुनियां तुम्हीं हो ज़न्नत, और मेरी तक़दीर तुम्हीं, तुम्हीं हो जां और तुम्हीं ज़िंदगी, और मेरी जागीर... Read more
विद्या बुद्धि देहु मातु शारदे नमन करूँ, वाणी तन मन में शक्ति मातु भर दे!
विद्या बुद्धि देहु मातु शारदे नमन करूँ, वाणी तन मन में शक्ति मातु भर दे! भर दे नवीन रंग ढंग मातु कविता में, हर के... Read more
आँखें हृदय का द्वार हैं, संवेदना संचार हैं!
आँखें आँखें हृदय का द्वार हैं, संवेदना संचार हैं! महसूस करती हैं कशिश, अहसास प्यार दुलार सब जीवंतता का गुण अनोखा, प्रेम का आधार हैं,... Read more
साथी साथ सुहाना तेरा जीवन बगिया महकाए ।
साथी साथ सुहाना तेरा जीवन बगिया महकाए । हर मुश्किल आसान बने निज मार्ग सुगम होता जाए, रीति अनोखी इस जीवन की, धूप छाँव आए... Read more