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I am a student in class 11th writing is my hobby. I live pukhrayan in Up

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शायरी
Anuj yadav शेर Apr 10, 2017
वक्त पर ना फिसले तो फिसलना बेकार है जवानी निकल गई फिर घर से निकलना बेकार है Anuj yadav mob. 7398621625
21वीं सदी की नारी
21वीं सदी की नारी तू भूल गई है संस्कृति भारत देश कि हमारी अर्ध वस्त्र पहन पहन कर फिरती है गलियारी सीता अनुसुईया और अहिल्या... Read more
मैं अपने शब्दों से तेरी खूबसूरती कैसे बयां करूं
मैं अपने शब्दों से तेरी खूबसूरती कैसे बयां करूं, आईने की तरह तुझे अपने आगे शजा लिया क्या करूं, या फिर देवी की तरह तेरी... Read more