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अनीश शाह " अनीश" (अध्यापक)
एम. एस. सी (गणित) बी. एड.
निवास-सांईखेड़ा ,नरसिंहपुर (म.प्र.)
मो. 7898579102
8319681285

All Postsकविता (1)गज़ल/गीतिका (18)गीत (2)
प्रणय की निशानी को प्रणय बनाये रखना(जन्मदिन की शुभकामनाए)
रब अपने करम की तू नजरें बनायें रखना। दुनियां की हर बला से इसको बचायें रखना।। बदली हो कोई गम़ की रुख़ बदले रास्तों के।... Read more
तहरीर ये मेरे हाथों  की जंजीर तेरी ना बन जायें
ख्वाबों की चिता सजाये हूं ,आके इसे जला देना। आंखों मे बसी तस्वीर मेरी ,अश्कों के साथ बहा देना।। चलके साथ कुछ ही लम्हा,छोड़ दिया... Read more
एहसास
अब तो हरदम तेरी यादों का मेला लगता है। फिर भी दिल मेरा मुझे खाली खाली लगता है।। तू मेरे साथ नही है ये जानता... Read more
शिक्षक
एक शिक्षक है जो दीपक की तरह जलता है। कितने सीनों के अंधेरों को जो निगलता है।। तराशता रहता है अपने हुनर की ठोकर से... Read more
यादों का झोका
जब कभी उदासी के खन्डहर में कैद होता हूं मैं, तब पता नही कहा से आता है तेरी यादों का झोका। और बिखेर देता है... Read more
जुनून-ए-इश्क़
तेरे जुनूने इश्क ने,हमको तो पागल कर दिया । तीरे नजर ने आपके, लगता है घायल कर दिया।। नजरें उठाना और झुकाना,ऐ हया है या... Read more
रस्म-ए-मोहब्बत
रस्म-ऐ-मोहब्बत हम रस्में मोहब्बत को ऐसे अदा किए । दुनिया ने दिए जख्म हम तो मुस्कुरा दिए।। इजहारे मोहब्बत करें चाहा बहुत मगर। तेरे गुरुर... Read more