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बेटियाँ
बेटियाँ कच्चे बाँस की तरह, पनपती आधार हैं। बेटियाँ ही अनवरत, प्रकृति की सृजनहार हैं। किसी भी संदेह में ना, उन्हें मारा जाय। उनको भी... Read more
कोई तो है
सोई हुई रातों में, धड़कनें बढ़ाती है, कोई तो है जो दिल को लुभाती है। उस बात की आज भी, देखिए खुमारी है, मुस्कुराकर जब... Read more
शहादत पर
एक पल के लिए बनाने वाला भी रोया होगा, किसी का अरमान जब यूँ मौत की नींद सोया होगा। हाँथों की मेहँदी छूटी भी नहीं... Read more
समसामयिक
आसार नहीं अच्छे दिन के, ये केसर क्यारी के दंगल। नहीं भा रहे सेव बंगीचे, बना कुछ दिनों से जंगल। विदेश नीतियां ठीक हैं लेकिन,... Read more
योजना है
सुनो एक योजना है।   जब तलक पूरी न होगी,   इस जहाँ में जिद हमारी।   जुबाँ पर फरियाद होगी,   अवज्ञाएँ फिर हमारी।... Read more
तो याद करना
कोई दर्द, कोई चुभन जब हद से गुजर जाए,तो याद करना, जिन्दगी में कभी जरूरत पड़ जाए,तो याद करना। बिछड़ते वक्त के ये आखिरी, अल्फाज... Read more