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कुछ लिखना चाहता हूँ,सोचता हूँ,शब्दो से खेलता हूँ,सीखता हूँ,लिखता हूँ।।

All Postsकविता (25)गज़ल/गीतिका (3)गीत (1)शेर (3)कहानी (1)
आशिक
दिल में चाहत छुपाये मिलने को तुझसे चाहे बावला सा हैं कँहा कुछ जानता हैं ये गगन,अम्बर छूने को चाहे नदियाँ, पर्वत, चाँद,तारे लाने को... Read more
मोबाइल
विषय: मोबाइल जीवन कितना बढ़िया था, गाँव घर घर लगतीं चौपाले थी बच्चो की खिलती किलकारी थी आपस में खूब हंसती नारी थी लेकिन जबसे,... Read more
राधा श्याम
नाम तेरा मेरा क्यू लेते साथ प्रेम से इतराती,रिझाती राधा श्याम से बोली कितना #प्रेम करते मुझसे मुझको जरा बताओ तो नही बोले फिर कुछ... Read more
आसान नही यँहा!
आसान नही यँहा किसी से दिल का लगाना खंजर छुपाये बैठा हैं ना जाने कोई परवाना आसान नही यँहा तेरी यादो को मिटाना कुर्बान ना... Read more
पंख पसार उड़
नील गगन छूने को अपने पंख पसार चल आसमान में उड़ने को अपने पंख पसार उड़ कुंचित मानसिकताओं से खुद को अब निकाल चल तरक्की... Read more
नारी
मत मुझे जान तू कि मैं अबला हूँ ना ही मुझे अकिंचन समझ लेना तू ना ही किसी के सहारे हूँ ना किसी से भयभीत... Read more
किरन
सुनो! क्या कर रही हो? इधर आओ खाना देने पिता जी को जाना हैं।अंदर से चीरती हुई आवाज आ रही थी । माँ आ रही... Read more
आहिस्ता आहिस्ता!
वो कड़कती धूप, वो घना कोहरा, वो घनघोर बारिश, और आयी बसंत बहार जिंदगी के सारे ऋतू तेरे अहसासात को समेटे तुझे पहलुओं में लपेटे... Read more
क्यू नही!
रो कर मुश्कुराते क्यू नही रूठ कर मनाते क्यू नही अपनों को रिझाते क्यू नही प्यार से सँवरते क्यू नही देख कर शर्माते क्यू नही... Read more
आस!
चाँद को चांदनी की आस धरा को नभ की आस दिन को रात की आस अंधेरे को उजाले की आस पंछी को चलने की आस... Read more
मयखाना
अपने मय में खोया हुआ चला जा रहा वो मयखाना मयखाना में मय ना मिला मदिरा पिया हुई बड़ी शाना लेकिन जब मय ने देखा... Read more
नियति का खेल
नदी की बहती धारा नही उसका किनारा।1। चाँद से रोशन चाँदनी पूनम रात का सहारा।2। फूल में बैठे हुए भँवरे रस ले फूल का सारा।3।... Read more
बचपन
मासूम सा चाँद था,तप गया वो समय से पहले परेशानियों ने बचपन छीन लिया समय से पहले देख कर दुनिया वालो को घबरा गया वो... Read more
जीवन
हैं कुछ इस तरह जीवन नही कोई ख़ुशी ना कोई गम एक सफर हैं एक रास्ता गिरते है संभलते हैं फिर भी निराश नही हैं... Read more
हमारे मात पिता
ईश्वर का अवतार हैं जो वही हमारे मात पिता हमको जिसने जन्म दिया वही हमारे मात पिता हमको जिसने पाला पोसा वही हमारे मात पिता... Read more
शायरी
Akib Javed शेर Nov 12, 2017
नमाज़े इश्क की सदा क़ज़ा करते रहे हम ख्वाबो में ख़ुदाए इश्क को मांगते रहे हम है दफ़न मुझमे मेरी कितनी रौनके मत पूछ, उजड़... Read more
बर्फ
बर्फ! फ्रिज में रहे तो कड़क, बाहर रख दो सिर्फ पानी, हाँ बर्फ! नही उसका कोई आकार, नही रखे कभी कोई प्रकार, जैसा चाहो ढल... Read more
रख हौसले फौलाद तुम
Akib Javed शेर Nov 12, 2017
गर किस्मत बदलना चाहते हो.. तो हाथ में सदा "कलम" रखना संसार जीतना चाहते हो तो हाथ में अपने 'किताब' रखना रख हौसलो को साथ... Read more
पढ़ने की ललक हम भी लियें हुये!                राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर एक कविता बाल मन को प्रदर्शित करती हुई।
मन भोला भाला लिये हाथ में झोला लिये हुये मुट्ठी में अपने जँहा लिये आँखों में सपने सजाये हुये ख्वाबो को सच करने की चाहत... Read more
ईमारत है ये...सदियों से ऐसी ही रहे!!
जूठ,फरेब,मक्कारी से दूर स्वार्थ,अज्ञानता,तिरस्कार को भूल सबकी सुने,किसी से कुछ ना कहे ईमारत हैं ये, सदियों से ऐसी ही रहे! कई राज़ों को खुद में... Read more
वो गरीब थे!
वो रात भर ठण्ड से ठिठुरते रहे छोटे बच्चे थे गरीब थे नही थे पैसे कुछ गर्म कपड़े ले ले किसी ने उनकी सुध ना... Read more
इश्क
Akib Javed शेर Nov 9, 2017
#इश्क दिल के बेनाम रिश्ते कभी किसी नाम की चाहत नही रखते... उन्वाने जँहा में कुछ और नही जो सोचो वो कभी मिला नही दिल... Read more