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?फासला
फासला दरम्यां बस इतना सा रह गया वो टूटकर गिरा में पेड़ पर ही रह गया माँ-बाप ने जो प्यार से सौंपी थी जागीरे आधा... Read more
मजलूमों की,कबर
Surya Karan शेर Jul 18, 2017
जिन्हें मुफ़लिसी की, ना ज़रा सी खबर चले मजलूमों की, आवाज़ बनने शहर दो वक्त की रोटी, ढूंढ़ें यहाँ बशर वायज़ खोलें है ; मज़हबों... Read more
?मेरा सफ़र
कुछ मैं कहूँ कुछ तुम सुनो ..... गुज़री जिनके ख़िदमत में उमर पीकर लफ़्ज़ों का कड़वा ज़हर गर्दिश में गुजरा बीता सफ़र आँसू पीकर रातों... Read more
#नज़राना
बेमतलब की ये ; सारी दुनियादारी है । तेरे एहसान मुझपे , जिन्दगी से भारी है । जिन्दगी की शामें तेरे आँचल में गुज़ारी है... Read more
बंगाल सांप्रदायिक घटनाओं पर लिखी "हाइकु" रचना @@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@ कटुता द्वेष मिटती मानवता बंग प्रदेश *********** अस्मतें लूटी मरघट पसरा बंग प्रदेश *********** खंडित देश तुष्टिकरण... Read more
उबल रही ज्वाला उर में तुम शांति इसे ना मानो अनुयायी मैं तथागत का मुझको कायर ना जानो भू को निर्जन वन कर दूँ। मैं... Read more
अँधेरा ही पायेगा
अमरनाथ यात्रा पर 10-7-2017 को हुवे आतंकी हमले पर जेहादियों को झकझोंरने वाली रचना । ********************************* अपने कर्मों से मुँह ना फेर पायेगा ख़ुदा गवाह... Read more
हाइकू
बंजारापन ले जायेगा मुझको तुमसे दूर ************* जल मछली तड़पे बिन पानी मेरी कहानी ************* उषा किरण इठलाती पवन मानो बसंत ************* आया सावन जलती... Read more
क़हर
क़हर जब बरपा ग़मों का , लड़खड़ा गया मुद्दत से ख़ुदा ने मुझे ; तुमसे मिला दिया रंज क्या है जो अग़र ,मिला ना तेरा... Read more
अब गांडीव उठाऊंगा
नहीं चाहता अहित हो , काल-कवलित हो नीतियों के कारण भार सह ना पाउँगा मृत्यु पर्यन्त !! दुर्भाग्य अहो !! तरकश निकालने पड़ेंगे स्वहित में... Read more