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मुक्तक
ज़रा सच बोलना चाहें तो अपने रूठ जाते हैं। यहाँ प्यासों से अक्सर ही समंदर छूट जाते हैं।। जहाँ पर ख्वाब बिकते हों हकीकत के... Read more
कविता
#कविता? कभी पुष्प सी कभी शूल सी, जीवन की सच्चाई कविता.! कुछ शब्दों को पंख लगा कर, मैंने एक बनाई कविता.!! जीवन के उन्मुक्त सफ़र... Read more
मुक्तक
वादी-ऐ-इश्क, रकीब-ऐ-सरो-सामां क्यों है मुस्कराता हुआ हर शख्स परअफ़शां क्यों है हसरत-ऐ-बज़्म थी के हम भी कहें वो भी सुने हमने कुछ शेर पढ़े हैं,... Read more
सियासत
ना पूछ कैसी हिमाकत पे उतर आये हैं। जो चंद लोग सियासत पे उतर आये हैं। तुम्हारे शहर का मौसम सियासी लगता है। देख काफ़िर... Read more