Skip to content

पूरा नाम-
वकील कुशवाहा "आकाश महेशपुरी"
जन्म- 20-04-1980
पेशा- शिक्षक
रुचि- काव्य लेखन
पता-
ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)

Share this:
All Postsकविता (13)गज़ल/गीतिका (40)मुक्तक (7)गीत (22)दोहे (1)कुण्डलिया (2)कहानी (2)घनाक्षरी (2)
ग़ज़ल- न जाने क्यूँ भला मशहूर होकर भूल जाता है
ग़ज़ल- न जाने क्यूँ भला मशहूर होकर भूल जाता है ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ मेरा साया है लेकिन दूर होकर भूल जाता है कि वह सत्ता के मद... Read more
जाने किस दिन हो पायेगा भ्रष्टों का अवसान
जाने किस दिन हो पायेगा भ्रष्टों का अवसान ■■■■■■■■■■■■■ ■■■ ये चाहें तो नाहक़ में ही लड़ जाएं इंसान नेता बड़े महान कि भइया नेता... Read more
कुछ घनाक्षरी छंद
कुछ घनाक्षरी छंद ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ छन्द जो घनाक्षरी मैं लिखने चला हूँ आज, मुझको बताएँ जरा कहाँ कहाँ दोष है। या कि मैँ हूँ मन्दबुद्धि लिख... Read more
घनाक्षरी- नारियों का नर सम मान होना चाहिए
घनाक्षरी- नारियों का नर सम मान होना चाहिए ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ नारियों का अपमान क्लेश की वजह एक, इसका तो सबको ही ज्ञान होना चाहिए। कष्ट देते... Read more
माँ
माँ -------------------- टूटी खाट पर बैठी बुढ़िया चिल्लाए जा रही थी। "बेटा रामनाथ! बड़े जोर की प्यास लगी है...गला सूखा जा रहा है...बेटे! जरा पानी... Read more
अगर सत्ता न हिल जाये तो फिर ये खून कैसा है
अगर सत्ता न हिल जाये तो फिर ये खून कैसा है ◆★◆★◆★◆★◆★◆★◆★◆★◆ हमें जो रोटियाँ वापस मिली ना तो समझ लेना अगर मुश्किल हुआ जीना... Read more
गीतिका/ ग़ज़ल- देखिये कैसा जमाना...
गीतिका/ ग़ज़ल- देखिये कैसा जमाना... ★■★■★■★■★■★■★■★■★ देखिये कैसा जमाना आ गया हर किसी को दिल दुखाना आ गया *** था वहाँ मैं मौत की आगोश... Read more
ग़ज़ल- उसे अपने दिल की सुनाता नहीं मैं
ग़ज़ल- उसे अपने दिल की सुनाता नहीं मैं ●○●○●○●○●○●○●○●○●○●○●○●○● उसे अपने दिल की सुनाता नहीं मैं कि पत्थर पे आँसू बहाता नहीं मैं हूँ मैं... Read more
कुण्डलिया- दिल्ली की वायु
कुण्डलिया- दिल्ली की वायु ●●●●●●●●●●●●●● देखो रहकर गाँव में, सुविधाओं से दूर। मिलती है ताजी हवा, हरियाली भरपूर। हरियाली भरपूर, नहीं होती बीमारी। पर दिल्ली... Read more
ग़ज़ल- जिसे देखता हूँ मैं छिपकर हमेशा
ग़ज़ल- जिसे देखता हूँ मैं छिपकर हमेशा ☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆ जिसे देखता हूँ मैं छिपकर हमेशा कि उसका रहा दिल है पत्थर हमेशा ~~~ वो मेरा नहीं... Read more
ग़ज़ल- क़ाबिल तेरे नहीं हूँ मुझे ध्यान आ गया
ग़ज़ल- क़ाबिल तेरे नहीं हूं मुझे ध्यान आ गया 221 2121 1221 212 मफ़ऊल फ़ाइलात मुफ़ाईल फ़ाइलुन ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ अच्छा हुआ कि यार अभी ज्ञान आ... Read more
गीतिका-  जिसने खुद को है पहचाना
गीतिका- जिसने खुद को है पहचाना ◆●◆●◆●◆●◆ जिसने खुद को है पहचाना उसके आगे झुका जमाना दुनिया में तो दुख हैं लाखों फिर भी इनसे... Read more
ग़ज़ल- बंजर में जैसे फूल निकलते कभी नहीं
ग़ज़ल- ये स्वप्न... मापनी- 221 2121 1221 212 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ये स्वप्न मेरे' स्वप्न हैं' फलते कभी नहीं। बंजर में' जैसै' फूल निकलते कभी नहीं।। उपदेश... Read more
गीतिका को समर्पित गीतिका
गीतिका को समर्पित गीतिका ■■■■■■■■■■■■■■ दिल को' करती है' हर्षित विधा गीतिका, अब तो' सबको समर्पित विधा गीतिका। ~~~ है न चोरी का' भय ही,... Read more
ग़ज़ल- बहुत दौलत जुटा कर भी हमें सब छोड़ जाना है
ग़ज़ल- बहुत दौलत जुटा कर भी ... ____________________________ ये कलयुग है यहाँ तो पाप को मिलता ठिकाना है कि सच मैं बोल कर टूटा बड़ा... Read more
ग़ज़ल- ये स्वप्न ही हमें तो रुलाते हैं आजकल
ग़ज़ल- ये स्वप्न ही हमें तो रुलाते हैं आजकल मापनी- 221 2121 1221 212 -------------------------------------------- यूँ ही हजार स्वप्न सजाते हैं आजकल ये स्वप्न ही... Read more
गीतिका- क्या परी हैं आप जो जादू चलाया आपने
गीतिका- क्या परी हैं आप जो जादू चलाया आपने ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ प्यार में अपना बनाकर है सताया आपने। हम अभी सोए कहाँ थे जो जगाया आपने।।... Read more
गीतिका- किसको किसको प्यार लिखें
गीतिका- किसको किसको प्यार लिखें ०००००००००००००००००००००००००००००००० कितनों ने दिल सौंप दिया है किसको किसको प्यार लिखें पर चाहत के बदले बोलो कैसे हम इनकार लिखें... Read more
ग़ज़ल- चलेगी एक तेरी क्या समय बलवान के आगे
ग़ज़ल- चलेगी एक तेरी क्या समय बलवान के आगे ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ अगर इतरा रहे हो तुम जो अपनी शान के आगे चलेगी एक तेरी क्या समय... Read more
ग़ज़ल- हमें भी तो खज़ाने का ज़खीरा मिल गया होता
ग़ज़ल- हमें भी तो खज़ाने का ज़खीरा मिल गया होता ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ हमें भी तो खज़ाने का ज़खीरा मिल गया होता अगर जो बेईमानी का किया... Read more
ग़ज़ल- ये नहीं पूछना क्या करे शायरी
ग़ज़ल- ये नहीं पूछना क्या करे शायरी ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ ये नहीं पूछना क्या करे शायरी घाव हो गर कोई तो भरे शायरी तेरा कुनबा रहे आसमाँ... Read more
ग़ज़ल- लौटेंगे क्या जाने वाले
ग़ज़ल- लौटेंगे क्या जाने वाले ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ इतना प्यार लुटाने वाले लौटेंगे क्या जाने वाले नाते तोड़े सच बोला तो सच मेँ यार जमाने वाले तन्हाई... Read more
ग़ज़ल- सताओगे मुझे लगता नहीं था
ग़ज़ल- सताओगे मुझे लगता नहीं था ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ सताओगे मुझे लगता नहीँ था तुम्हारे प्यार मेँ धोखा नहीँ था कभी आँखोँ मेँ आँखेँ डालते थे चुराओगे... Read more
ग़ज़ल- मिले जो आईना कोई तो दिखलाने चले आना
ग़ज़ल- मिले जो आईना कोई तो दिखलाने चले आना ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ हसीँ तुम गेसुओँ मेँ दिल को उलझाने चले आना बड़ा टूटा हूँ जानेमन कि बहलाने... Read more
ग़ज़ल- सबको खोया है आजमाने में
ग़ज़ल- सबको खोया है आजमाने में ★★★★★★★★★★★★ मुझसा पागल कहाँ जमाने मेँ सबको खोया है आजमाने मेँ कैसे कैसे सवाल करता है जैसे बैठा हूँ... Read more