Skip to content

एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा
जन्मतिथि-08-05-1961
प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक"
साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित
अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत
आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित,
जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन
निवास-सुभाष नगर, कोंच,जालौन,उ.प्र.-285205
मो-9455423376एवं 8787045243
व्हाट्सआप-9956928367

All Postsकविता (11)गज़ल/गीतिका (2)मुक्तक (65)गीत (14)अन्य (10)लेख (1)शेर (6)दोहे (6)कुण्डलिया (22)
प्रकृति
प्यार देकर प्रकृति मुस्कुरा-सी रही गीत गाकर दिलों को लुभा-सी रही देख लो बाग़ की मोहनी हर झलक दिल सुगंधी हवा से घिरा अब तलक... Read more
प्रकृति
वर्षा ऋतु सद्प्रीति का सुंदर भाव-विधान | क्षण-क्षण मिलन समान है कर लो अनुसंधान || प्रकृति -प्रेम सुख- धाम है त्याग दीजिए शोक | ज्ञान... Read more
शुभ गगन-सम शांतिरूपी अंश हिंदुस्तान का
तिरंगा बन गया लेकिन लट्ठ गह सद्ज्ञान का | इसी से ही उच्चता औ विवेकी धन ध्यान का मिला,फहराया अमन बन,विश्व के कल्याणहित | शुभ... Read more
प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम से
शुभ सुहिंदुस्तान हूँ, देखो मुझे आराम से | गुलामीं के निशाँ, दर्दीले-जवाँ पैगाम से | घाव गहरे दिए पर, मुस्कान का आलोक गह प्रकाशित हो... Read more
झाँसी की रानी /क्षिति पर तूफाँ-सा आया ,तलवार हाथ ले निकल पड़ी
क्षिति पर तूफाँ-सा आया,तलवार हाथ ले निकल पड़ी| देख फिरंगी की छाती पर, अश्व-टाप धर आज चढी| सुयश-वीरता खेल खेलती,झाँसी की क्षत्राणी थी मातृभूमि की... Read more
शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए
शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाए ,शुभ स्वतंत्रता दिवस मनाएं | जीवन में अनुपम प्रकाश के रंग भरे, उल्लास सजाएं || -राष्ट्र हमारा कल गुलाम था आज... Read more
मनुआँ काला, भैंस-सा
गंगाजल के बीच में, तन धोबें बन भैंस | मनुआँ काला, भैंस-सा,जे अच्छे या भैंस || ....................................................... बृजेश कुमार नायक "जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच... Read more
अमर काव्य हर हृदय को, दे सद्ज्ञान-प्रकाश
लेखन वह, जो राष्ट्रहित- सजग चेतनाकाश देकर, बने सु प्रीति सह मातृभूमि-उल्लास| सहजरूप गह, दिव्यता का छूू ले उत्कर्ष| अमर काव्य हर हृदय को, दे... Read more
वर्ष 2016मे प्रकाशित ,कृतिकार बृजेश कुमार नायक की कृति
पुस्तक समीक्षा कृति का नाम -"क्रौंच सुऋषि आलोक समीक्षक-डा मोहन तिवारी " आनंद " प्रसिद्ध गीतकार बृजेश कुमार नायक का उत्कृष्ट खंडकाव्य "क्रौंच सुऋषि आलोक"... Read more
पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब
पर्यावरण बचा लो, कर लो बृक्षों की निगरानी अब | प्रकृति-प्रेम बिन गर्म हवाएं ,बन गईं रेगिस्तानी अब | हाल यही यदि रहा,रोएगा निश्चय मानव... Read more
बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय||
विश्रामालय रेल का कुंच पड़ गया नाम| गोरों-शासन बाद तक ऋषि को किया प्रणाम|| ऋषि को किया प्रणाम कुंच स्टेशन भाया| संशोधित पुनि नाम कुंच... Read more
1-अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा2- अश्म  पर  मेरा यह  नाम तुमने लिखा (दो गीत) राधिका उवाच एवं कृष्ण  उवाच
1- राधिका उवाच अश्म पर यह तेरा नाम मैंने लिखा आगे सुंदर प्रिया रक्त से लिख दिया खगकुलों का सुकलरव महानाद है प्रीति -रस का... Read more
यौवन अतिशय ज्ञान-तेजमय हो, ऐसा विज्ञान चाहिए
यौवन अतिशय ज्ञान-तेजमय हो ऐसा विज्ञान चाहिए जो सोए है उने जगाने का संकल्प महान चाहिए क्षिति नायक तेरे दुखिया मन में प्रकटे जैसे प्रसन्नता... Read more
किंतु गह सद्ज्ञानरूपी लोक लो/ वही तो नवराष्ट्र का उल्लास है
रोक सकते हो मुझे, तो रोक लो बढ़ रहा हूँ, चेतना आलोक लो काट डालो तुम हमारे अस्त्र सब किंतु गह सद्ज्ञानरूपी लोक लो चेतना... Read more
आ सजाऊँ भाल पर चंदन तरुण
चेतनामय लोकहित जागो निपुण धरणि पर बैकुंठ का हो अवतरण राष्ट्र पुलकित कहेगा सम्मान से आ सजाऊँ भाल पर चंदन तरुण ़़़़़़़़़़़़़:़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़ बृजेश कुमार नायक... Read more
युवकों का निर्माण चाहिए
युवकों का निर्माण चाहिए, युवकों का निर्माण चाहिए कलियुग के कलुषित तम हिय को,चीर सके वह बाण चाहिए सज्जनता की ढाल रो रही,काम-क्रोध जयमाल हो... Read more
भारतवर्ष स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है
भारत पर स्वराष्ट्र पूर्ण भूमंडल का उजियारा है विश्वबंधु-दीपक बन जलने वाला सुंदर -प्यारा है लक्ष्मीबाई की कृपाण ने देख फिरंगी को मारा मंगल पांडे,भगत... Read more
वह सु रचना देश का  सम्मान है |           छिपी हो जिसमें सजग संवेदना|
राष्ट्रहित गह दिव्यता,दे चेतना | छाँट दे जो सहज में जन-वेदना | वह सु रचना देश का सम्मान है | छिपी हो जिसमें सजग संवेदना... Read more