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_इलाहाबाद

NIRA Rani

NIRA Rani

कविता

August 31, 2016

इलाहाबाद की मिट्टी की खुशबू कुछ खास है
क्यूंकि यहॉ गंगा जमुना सरस्वती का वास है
लेटे हनुमान जी की महिमा अपार है
तभीतो गंगा जी उनके चरण छूने को बेकरार है
सब तरफ फैली एक खूबसूरत मिठास है
क्यूकि सबके दिलों मे प्यार की सौगात है
खाने की चीजों की लाजवाब बयार है
क्युकि हर तरफ जायकेदार बाजार
नेतराम की कचौरी हो या निराला की चाट हो
भगवानदास की मिठाई हो या कोई भी हलवाई हो
सबका अपना एक अलग अंदाज
सिविल लाइंस का चुरमुरा भी लाइन लग कर बिकता है
उसका चटखारा भी दूर दूर तक दिखता है
काफी हाउस मे राजनीतिक सरगर्मी है
तो एलचिको मे अजब गहमा गहमी है
चौक बाजार हे या तो खुल्दाबाद हो
क्या कहे यही तो इलाहाबाद है
जो सचमुच खासम खास है

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Author
NIRA Rani
साधारण सी ग्रहणी हूं ..इलाहाबाद युनिवर्सिटी से अंग्रेजी मे स्नातक हूं .बस भावनाओ मे भीगे लभ्जो को अल्फाज देने की कोशिश करती हूं ...साहित्यिक परिचय बस इतना की हिन्दी पसंद है..हिन्दी कविता एवं लेख लिखने का प्रयास करती हूं..
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