गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

मापनी 221 2121 1221 212
गीत:- मिलती है ज़िन्दगी में मुहब्बत कभी कभी
?????उम्दा मिसरा की बधाई सर??

दामन पकड़ लिया तो छुड़ाया न जायेगा
——–

चिलमन गिरा दिया तो उठाया न जायेगा
कातिल किसी तरह से बचाया न जायेगा

छुप-छुप के मिलने आती हूँ हर इक निगाह से
पर इस तरह से रोज़ तो आया न जायेगा

आँखों से तेरी पीके चढ़ा जो नशा मुझे
लफ़्ज़ों से सिर्फ़ उसको जताया न जायेगा
?
है इश्क का असर ये कि मैं तुमसे क्या कहूँ
दामन पकड़ लिया तो छुड़ाया न जायेगा

कह दो जो दिल में बात है पर्दो में कुछ नहीं
मौक़ा तो ऐसा फिर से चुराया न जायेगा

तुम मुझमें यूं रहो न कोई दरमियां रहे
जीवन तिरे बिना तो बिताया न जायेगा

भूला है आज हमको ज़माना तो ग़म नहीं
कल देखना कि हमको भुलाया न जायेगा

खाली रहा है प्यार से दामन मिरा तो क्या
यादो की रौशनी को बुझाया न जायेगा

मजबूर इतनी कोकिला है इश्क में तिरे
अब उससे तुझसे दूर भी
जाया न जायेगा

कोकिला अग्रवाल

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