May 8, 2018 · कविता

4G का जमाना

यह 4Gका जमाना हैं
अब रिश्तों को भी 4G में ही निभाना हैं।
दिल से दिल का रिश्ता ख़त्म हुआ,
अब फेसबुक ,वाट्सअप ही प्रथम हुआ।
वाट्सअप पर ही लोग जुड़ा करते हैं,
अब रिश्ते मोबाइल में ही निभा करते हैं।
यह 4G का जमाना हैं…..
नमस्कार,सलाम का दफन हुआ,
हाय, हैल्लो का चलन हुआ।
समय नही है अब अपनों से मिलने का,
ख़त्म हुआ वक़्त अपनों की कमी खलने का
यह 4G का जमाना है
अब रिश्तो को मोबाइल में ही निभाना हैं।

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M.sc( maths),b.ed
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