Mar 9, 2017 · कविता
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21वीं सदी की नारी

21वीं सदी की नारी तू भूल गई है संस्कृति भारत देश कि हमारी
अर्ध वस्त्र पहन पहन कर फिरती है गलियारी
सीता अनुसुईया और अहिल्या ,जैसी जिस देश की नारी
उनसे तुलना करने पर लगती है तू एक बीमारीअब तो तू समझ जा यह संस्कृति नहीं है भारत देश की हमारी
अर्ध वस्त्र पहनना छोड़ दे , बन जा सीता
अनुसुईया और अहिल्या जैसी नारी ा

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Anuj yadav
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I am a student in class 11th writing is my hobby. I live pukhrayan in... View full profile
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