15 अगस्त पर्व आजादी का......

15 अगस्त आया पर्व आजादी का ,
दिन था वह अंग्रजो की बर्बादी का।
शहीद हुए थे वीर शूरमा ,
आजाद कराने भारत को।
नम हो जाती है आँखे सबकी,
उनकी याद करके शहादत को।
ध्वज फहराया था चाचा नेहरू ने ,
लाल किले पर पहली बार ।
देकर आजादी चले गए ,
कैसे भूल सके उनके उपकार।
गाँधी ,नेहरू, बिस्मिल थे ,
सब आजादी के दीवाने।
खुदीराम, भगत, आजाद ,
लक्ष्मी जैसे शहीद हुए थे परवाने।
फहराते है आज तिरंगा,
हम स्वतंत्र अपने अरमानो से।
आजादी ये देन है,
उन वीरों के बलिदानो से।
जनता की रक्षा करने को ,
अपने भूल गए अरमानो को।
मेरा शत शत बार नमन है,
देश के वीर जवानों को…….
जय हिंद ,जय भारत।

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