Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Jun 2020 · 2 min read

*”मोक्षदायिनी गंगा”*

“गंगा”
हिन्दू धर्म में गंगा नदी को पवित्र मानी जाती है देवी माँ के रूप में पूज्यनीय है।घर में प्रतिदिन पूजन में भी उपयोग किया जाता है गंगा नदी के प्रति अटूट आस्था व विश्वास है।गंगाजल सालों तक रखने के बाद भी खराब नही होता है ऐसी मान्यता है कि गंगा नदी में स्नान करने से डुबकी लगाने से पापों का प्रायश्चित हो जाता है रोग कष्ट दूर हो जाते हैं।उपचार हेतू भी गंगाजल का प्रयोग किया जाता है जब इंसान मृत्यु के निकट शैया पर लेटा रहता है तो दो बूंद गंगाजल तुलसी दल के साथ ही पिलाया जाता है।
युगों युगों तक पापों से मुक्ति दिलाने के लिए ही गंगा भागीरथी धरती पर अवतरित हुई है मृत्यु के पश्चात शरीर को गंगा नदी में ही विसर्जित कर दिया जाता है कुछ लोग बिना दाह संस्कार किये ही सीधे गंगा नदी में ही प्रवाहित कर देते हैं जिससे गंगा मलीन होते जाती है।
गंगाजल हरिद्वार तक शुद्ध रहता है फिर बाद में शहरों के प्रोधोगिकी क्षेत्र से गंदे पानी का बहाव गंगा नदी में ही मिलने लगता है और प्रदूषण फैलने लगता है।
वैसे तो गंगा नदी को शुद्ध करने के लिए सरकार ने परियोजना बनाई गई है लेकिन कुछ लोग ध्यान ही नही देते हैं इन्ही कारणों से गंगा नदी प्रदूषित होती जा रही है।
पहले सालों तक गंगाजल खराब नही होते थे लेकिन अब कुछ ही महीनों में जल में फंगस लगने लगते हैं।सबसे पवित्र जल गंगाजल ही होता है अमृत तुल्य माना जाता है लेकिन अब कुछ भी शुद्ध नही है ।गंगाजल लाने के कुछ दिनों बाद ही मटमैला सा नजर आने लगता है जो जल सालों तक खराब नही होता था वह कुछ ही दिनों में बॉटल में नीचे गंदगी जमा हो जाती है।
गंगाजल को शुद्ध पवित्र रखने का कार्य हम सभी नागरिकों को है आखिर हम सभी देशवासियों का कर्त्तव्य है कि जब कभी गंगा में स्नान करने जाय कुछ क्रियाकर्म करने जाये गंगा नदी के दर्शन करने जायें तो आसपास के वातावरणों को स्वच्छ रखा जाय ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक दृष्टि से गंगा नदी की गाथाओं से अवगत कराया जा सके।
ये नहीं सिर्फ गंगा नदी नाम की ही रह जाये हम सभी नागरिकों का कर्त्तव्य है कि गंगा नदी को स्वच्छता अभियान चलाये जाने में सहयोग प्रदान करें ।
हम जिस देश में रहते हैं वहां के नदियों तालाबों झरनों को साफ रखें जहां भी उस स्थान में जायें तो वहां के वातावरणों को स्वच्छ रखने का संकल्प लें।
।।हर हर गंगे।।
मुक्तिदायिनी माँ गंगे शत शत नमन
गंगा दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं

Language: Hindi
Tag: लेख
4 Likes · 1 Comment · 284 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आप सुनो तो तान छेड़ दूं
आप सुनो तो तान छेड़ दूं
Suryakant Dwivedi
ऑन लाइन पेमेंट
ऑन लाइन पेमेंट
Satish Srijan
अगहन कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के
अगहन कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को उत्पन्ना एकादशी के
Shashi kala vyas
तुझे जब फुर्सत मिले तब ही याद करों
तुझे जब फुर्सत मिले तब ही याद करों
Keshav kishor Kumar
#ग़ज़ल
#ग़ज़ल
*Author प्रणय प्रभात*
रंजीत कुमार शुक्ल
रंजीत कुमार शुक्ल
Ranjeet kumar Shukla
कोहली किंग
कोहली किंग
पूर्वार्थ
ग़ज़ल/नज़्म - उसकी तो बस आदत थी मुस्कुरा कर नज़र झुकाने की
ग़ज़ल/नज़्म - उसकी तो बस आदत थी मुस्कुरा कर नज़र झुकाने की
अनिल कुमार
"एक दीप जलाना चाहूँ"
Ekta chitrangini
दर्द तन्हाई मुहब्बत जो भी हो भरपूर होना चाहिए।
दर्द तन्हाई मुहब्बत जो भी हो भरपूर होना चाहिए।
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
2430.पूर्णिका
2430.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
kab miloge piya - Desert Fellow Rakesh Yadav ( कब मिलोगे पिया )
kab miloge piya - Desert Fellow Rakesh Yadav ( कब मिलोगे पिया )
Desert fellow Rakesh
संपूर्ण कर्म प्रकृति के गुणों के द्वारा किये जाते हैं तथापि
संपूर्ण कर्म प्रकृति के गुणों के द्वारा किये जाते हैं तथापि
Raju Gajbhiye
वक्त
वक्त
Shyam Sundar Subramanian
शक्ति का पूंजी मनुष्य की मनुष्यता में है।
शक्ति का पूंजी मनुष्य की मनुष्यता में है।
प्रेमदास वसु सुरेखा
नया
नया
Neeraj Agarwal
बीती यादें भी बहारों जैसी लगी,
बीती यादें भी बहारों जैसी लगी,
manjula chauhan
मिथकीय/काल्पनिक/गप कथाओं में अक्सर तर्क की रक्षा नहीं हो पात
मिथकीय/काल्पनिक/गप कथाओं में अक्सर तर्क की रक्षा नहीं हो पात
Dr MusafiR BaithA
"अगर"
Dr. Kishan tandon kranti
सवाल
सवाल
Manisha Manjari
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अंधे रेवड़ी बांटने में लगे
अंधे रेवड़ी बांटने में लगे
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मेरी बात अलग
मेरी बात अलग
Surinder blackpen
मेरे पास तुम्हारी कोई निशानी-ए-तस्वीर नहीं है
मेरे पास तुम्हारी कोई निशानी-ए-तस्वीर नहीं है
शिव प्रताप लोधी
आजा रे अपने देश को
आजा रे अपने देश को
gurudeenverma198
//सुविचार//
//सुविचार//
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
सेवा या भ्रष्टाचार
सेवा या भ्रष्टाचार
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नहीं हूं...
नहीं हूं...
Srishty Bansal
'Being human is not that easy..!' {awarded poem}
'Being human is not that easy..!' {awarded poem}
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
धनतेरस
धनतेरस
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Loading...