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24 Feb 2019 · 2 min read

मेरा रंग दे बसंती चोला

यूंही भारत कब तक ऐसे ही सज्जन बनकर रहेगा सीधा और भोला
और कितने शहीदों की शहादत के बाद भड़केगा देशभक्ति का शोला
मुझे फिर याद आया
मेरा रंग दे बसंती चोला

याद है भगत सिंह का ये अमर गान
बना था जो कभी भारत की शान
भारत ने आज गंवाये है वीरों के जान
नाक में दम करके रखा है ये शैतान
जेहाद की आड़ में निर्दोषों को करता कुर्बान
कश्मीर को बना दिया है शमशान
मौत से गले मिले crpf के जवान
खून उबलता लेकर खूब उफान
बदला केवल चाहिए बोले भारत का हर इंसान
बहुत सह चुका है भारत अब अपमान

मैं काट दूंगा सिर उसका जिसने भारत की सरजमीं में पाकिस्तान जिंदाबाद बोला
मुझे फिर………
मेरा रंग…………….

कट्टर को कट्टर ही काटेगा यही है विधान
जैसे लोहे को लोहा काटता है समझे,हे भगवान!
रहम हटाओ, अहिंसा नहीं है इसका समाधान
घायल हो जाओगे जो इतना दोगे तुम सम्मान
सांप को दूध पिलाना है बेमतलब का ज्ञान
भूत से पूत की इच्छा करना मुर्खों का काम महान
पत्थरबाजों ने तोड़ा है सेना के गौरव का मान
नीच की नियत गंदी और मन है बेईमान
पेट में छूरी रखता है साला कायर पाकिस्तान
और चूहा बिल्ली को दिखाता देखो जंग का मैदान

भारत में जीने नहीं दूंगा उसको जिसने दुश्मन के लिए अपना द्वार खोला
मुझे फिर……..
मेरा रंग………………

क्रांति की आंच पर ही पिघलेगा उसका अभिमान
बहुत हो गया हद से पार करते-करते अहसान
बंद किजिए कपटी से मित्रता का व्यर्थ आह्वान
खेलों से नहीं जुड़ता है दो देशों का आसमान
फालतू की बात है बनाकर बुलाना मेहमान
उसके औकात की बढ़ गई है अत्यधिक उड़ान
भारत की जमीं को बाप की जागीर समझता है हैवान
जिसने चोर बाजार में बेच दिया है अपना ईमान
पाकिस्तान की सफाई का अभियान चलाइए श्रीमान

कठोर से कठोर कदम उठाने में जरा सा भी अगर आपका मन डोला
मुझे फिर…………
मेरा रंग……………

पूर्णतः मौलिक स्वरचित सृजन
आदित्य कुमार भारती
टेंगनमाड़ा, बिलासपुर, छ.ग.

Language: Hindi
3 Likes · 536 Views
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